Indresh Upadhyay Wedding: इंद्रेश उपाध्याय के कई लोकप्रिय भजन देशभर में सुने जाते हैं, जिनमें ‘राधा गोरी-गोरी’, ‘राधे-राधे जपो चले आएंगे बिहारी’, ‘श्याम तेरे चरणों में पाया सुख असीम’, ‘प्यारो वृंदावन’, ‘जादू करके’, ‘बैरागन’, ‘गोवर्धन वासी’ जैसे भजन विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं. उनका भजन ‘राधा गोरी-गोरी’ मशहूर सिंगर बी प्राक के साथ भी रिलीज हो चुका है.
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Indresh Upadhyay Wedding: वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय अपनी शाही बारात के साथ जयपुर पहुंचे हैं, जहां ताज आमेर में वे हरियाणा की शिप्रा संग वैदिक रीति से विवाह करेंगे. इस भव्य समारोह में देशभर के संत-महंत, प्रमुख हस्तियां और विशेष अतिथि शामिल होंगे. विवाह निमंत्रण के साथ वृंदावन धाम का प्रसाद भी भेजा गया है, जो इस शादी को और भी खास बनाता है.
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इंद्रेश उपाध्याय का विवाह समारोह शनिवार, 5 दिसंबर को जयपुर की दिल्ली रोड स्थित एक होटल में होगा. बुधवार देर रात वे अपने परिवार के साथ जयपुर पहुंचे. शुक्रवार को वैदिक थीम पर आयोजित सात फेरों की रस्में देशभर से आए साधु-संतों की मौजूदगी में सम्पन्न होंगी. रीतिरिवाज़ों की शुरुआत सुबह 10 बजे से होगी.
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इंद्रेश उपाध्याय की शादी के लिए तमाम मेहमानों का आगमन शुरू हो चुका है. मशहूर कथावाचक जय किशोरी और सिंग बी प्राक भी जयपुर पहुंच चुके हैं.
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सोशल मीडिया पर अपने लोकप्रिय प्रवचनों के कारण इंद्रेश उपाध्याय युवा पीढ़ी में भी खासे चर्चित हैं. ऐसे में लोग जानना चाहते हैं, आखिर इंद्रेश उपाध्याय कौन हैं?
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इंद्रेश उपाध्याय अपनी कथाओं में कई बार बताते हैं कि जयपुर उनके लिए भावनाओं से जुड़ा शहर है. वे इसे ‘छोटा वृंदावन’ बताते हैं. उनका कहना है कि जयपुर की स्थापत्य कला, आस्था और परंपराएं वृंदावन से गहरा साम्य रखती हैं. वृंदावन से आए श्रीकृष्ण के चार विग्रह गोविंददेवजी, गोपीनाथजी, राधा दामोदरजी और राधा विनोदीलालजी, जयपुर को विशेष आध्यात्मिक महत्व देते हैं. यही वजह है कि इंद्रेश इस शहर को अपने हृदय में पवित्र स्थान मानते हैं.
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इंद्रेश उपाध्याय की कथा-शैली, मधुर वाणी और शांत स्वभाव लोगों को बेहद आकर्षित करते हैं. सोशल मीडिया के माध्यम से भी उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है. उनके प्रवचनों को सुनने और देखने के लिए लाखों लोग जुड़ते हैं.