India Pakistan War: पाकिस्तान के घर में घुसकर मार आई थी 'जाट रेजीमेंट', मुंह ताकता रह गया था इस्लामाबाद

India-Pakistan War: पाकिस्तान के घर में घुसकर मारकर आने वाली जाट रेजिमेंट की वीरता की कहानी इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखी गई है. इस्लामाबाद के पास भी भारतीय सेना की मौजूदगी का एहसास होते ही पाकिस्तान की हेकड़ी गुम हो गई थी. जाट रेजिमेंट के जवानों ने अपनी अदम्य साहस और वीरता का प्रदर्शन करते हुए दुश्मन को करारा जवाब दिया था.

1/5

दुश्मन के गढ़ में 50 किलोमीटर अंदर जाकर

दुश्मन के गढ़ में 50 किलोमीटर अंदर जाकर1/5
दुश्मन के गढ़ में 50 किलोमीटर अंदर जाकर अपने से दोगुनी बड़ी सेना से भिड़ना और एक-एक कर दुश्मन को खत्म करना किसी अचंभे से कम नहीं था. इस नामुमकिन से मिशन को सिर्फ 550 सैनिकों ने अंजाम दिया था, जिसमें से 58 युद्धवीर शहीद हो गए थे. यह दिन इतिहास बदल सकता था, क्योंकि भारतीय सेना लाहौर पर कब्जा करने के बेहद करीब पहुंच गई थी. उनकी वीरता और बलिदान ने एक नए इतिहास की नींव रखी.
2/5

बहादुरी और साहस से युद्ध

बहादुरी और साहस से युद्ध2/5
भारतीय सेना ने कई बार विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी बहादुरी और साहस से युद्ध का रुख बदला है. ऐसे कई उदाहरण हैं जो इसकी गवाही देते हैं. 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भी ऐसा ही एक वाकया हुआ था, जब भारतीय सेना लाहौर तक पहुंच गई थी. यह सफलता इंडियन आर्मी की सबसे पुरानी और बहादुर रेजिमेंट की वजह से संभव हुई थी, जिन्होंने अपनी वीरता और अदम्य साहस का प्रदर्शन करते हुए इस महत्वपूर्ण मोर्चे पर जीत हासिल की.