Jhalawar: राजस्थान के झालावाड़ जिले में बीते दो दिनों से हो रही लगातार बारिश से हाहाकार के हालात पैदा हो गए हैं. झालावाड़ जिला मुख्यालय सहित जिले के लगभग सभी कस्बों में जोरदार बारिश हो रही है, जिसके चलते कुछ जगह पर बाढ़ के हालात बन गए हैं, तो वहीं ग्रामीण क्षेत्र के भी संपर्क कट गए हैं.
1/8
झालावाड़ जिले में बीते 24 घंटे में 117 एमएम बारिश दर्ज हुई है तो वही संपूर्ण मानसून सीजन की 648 एमएम बारिश अभी तक हो चुकी है, ऐसे में पहली बारिश ने ही झालावाड़ को पानी पानी कर दिया है.
2/8
भारी बारिश के कारण झालावाड़ जिले के सबसे बड़े कालीसिंध बांध के 6 गेट खोलकर 1 लाख क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है तो वहीं भीमसागर बांध के भी चार गेट खोलकर करीब 14,000 क्यूसेक की निकासी की जा रही है. झालावाड़ जिले के ही छापी बांध के भी 6 गेट खोले गए हैं. जिले के कालीखार, गुलैंडी और गागरिन सहित अन्य छोटे बांधों पर भी चादर चल रही है.
3/8
उधर झालावाड़ जिले के मनोहरथाना कस्बे में तो बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं. देर रात से हो रही अनवरत बारिश के चलते परवन नदी उफान पर आ गई है, जिसके चलते मनोहर थाना कस्बे की निचली बस्तियां जलमग्न हो गई है. प्रशासन द्वारा मुनादी करवाकर बस्तियां खाली करवाई जा रही हैं.
4/8
थानेश्वर महादेव मंदिर भी जलमग्न हो गया. उधर झालावाड़ जिले के खानपुर क्षेत्र में भी कई जगह बाढ़ के हालात हैं. नांगली नदी में उफान आने से पानी पनवाड़ कस्बे में घुस गया, जिस कारण दरा अरनिया स्टेट हाईवे पर भी आवागमन बाधित हो गया है. उजाड़ नदी का पानी दहीखेड़ा कस्बे में घुस गया है.
5/8
उधर भवानी मंडी क्षेत्र के पिपलिया गांव में भी आहू और रेवा नदी का पानी घुस गया. कुछ देर के लिए तो झालावाड़ भवानीमंडी मार्ग भी अवरुद्ध रहा.
6/8
बारिश के दौरान कुछ हादसों की भी सूचनाओं आई है. बकानी क्षेत्र के नसीराबाद गांव में भारी बारिश के चलते एक कच्ची मकान की दीवार रह गई, इसके चपेट में आने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई.
7/8
झालरापाटन के समीप भी उफनते हुए खाल को पार करने के प्रयास में एक कार बह गई. हालांकि कार सवार चार लोगों को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया. भारी बारिश की चेतावनी के बाद से ही जिला प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर है.
8/8
जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ हालात पर नजर बनाए हुए हैं. कलेक्टर ने कहा कि मुश्किल हालातों के लिए रेस्क्यू टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है. नदी की पुलियाओं पर भी पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है. उनकी अपील है कि उफनती नदियों की पुलिया या रपट को पार नहीं करें और प्रशासन को सहयोग करें.