Jhalawar School Collapse: राजस्थान के झालावाड़ में बड़ा हादसा, मनोहरथाना के सरकारी स्कूल की छत ढही, 7 बच्चों की मौत, कई घायल. शव पीपलोदी और चांदपुर भीलान भेजे गए.
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राजस्थान के झालावाड़ में शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा हुआ जब मनोहरथाना क्षेत्र के पीपलोदी गांव के सरकारी स्कूल की छत अचानक भरभराकर ढह गई. इस हादसे में 7 बच्चों की मौत हो गई और कई छात्र घायल हो गए.
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मनोहरथाना अस्पताल से हादसे में मृत 6 बच्चों के शव उनके गांव पीपलोदी भेज दिए गए, जबकि एक बच्चे का शव चांदपुर भीलान भेजा गया. शवों को उनके गांव में अंतिम संस्कार के लिए भेजा गया है.
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मृतक बच्चों के शव जैसे ही उनके घरों पर पहुंचे, वहां चीख-पुकार मच गई. पीपलोदी गांव में मातम पसर गया. परिजनों और ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. गांव में शोक की लहर दौड़ गई और लोगों ने अपने बच्चों को गले से लगा लिया.
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जयपुर झालावाड़ में स्कूल की छत गिरने की घटना में अब नया अपडेट सामने आया है. झालावाड़ अस्पताल से सभी 7 बच्चों की पार्थिव देह को मनोहरथाना शिफ्ट कर दिया गया है, जहां से उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा. वहीं, इस हादसे में घायल हुए 8 बच्चे अभी भी झालावाड़ जिला अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से 4 बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है. इनमें से 4 बच्चों का ऑपरेशन कल अस्पताल प्रशासन ने किया था.
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पीपलोदी गांव में आज 6 शवों का अंतिम संस्कार एक साथ किया जा रहा है. परिजन अपने बच्चों को अंतिम विदाई देने के लिए इकट्ठा हुए हैं. गांव की गलियों में रोते-बिलखते परिजनों की आवाजें सुनाई दे रही हैं. अंतिम यात्रा में ग्रामीणों के साथ पुलिस के जवान भी शामिल हुए हैं, जो शोकाकुल माहौल में अपने बच्चों को अंतिम विदाई देने में मदद कर रहे हैं.
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हादसे के बाद से पीपलोदी गांव में चूल्हे नहीं जले हैं. परिजन और गांव वाले अभी भी सदमे में हैं और गांव में शोक की लहर है. हर कोई अपने-अपने तरीके से पीड़ित परिवारों की मदद करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन गमगीन माहौल में चूल्हे न जलना इस बात का प्रतीक है कि गांव अभी भी इस हादसे के सदमे से नहीं उबर पाया है.
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सरकार ने झालावाड़ हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है. उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.
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शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग को लेकर नरेश मीणा धरने पर बैठ गए, जिन्हें बाद में हिरासत में ले लिया गया. इसके अलावा, छात्र नेता निर्मल चौधरी को कोटा पुलिस ने पीड़ित परिवार से मिलने जाते समय गिरफ्तार कर लिया. हादसे के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखा गया, जिसने हिंसक रूप ले लिया. गुस्साई भीड़ ने तोड़फोड़ की और पुलिस की गाड़ी में आगजनी करने की कोशिश की, जिसे रोकने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा.