Rajasthan Government Project: जोधपुर के पाल रोड नहर चौराहे पर ₹79 करोड़ की लागत से 760 मीटर लंबा फोरलेन फ्लाईओवर बन रहा है. 2027 तक तैयार होने वाले इस ब्रिज से AIIMS जाने वाले मरीजों और 30 कॉलोनियों को जाम से मुक्ति मिलेगी. पिलर का काम शुरू, विकास की रफ्तार अब तेज हो गई है.
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Rajasthan Government Project: जोधपुर की लाइफलाइन मानी जाने वाली पाल रोड पर बन रहा नया फोरलेन फ्लाईओवर शहर की यातायात व्यवस्था के लिए एक मील का पत्थर साबित होने वाला है. जोधपुर के व्यस्ततम नहर चौराहे पर 79.18 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार हो रहा यह 760 मीटर लंबा फ्लाईओवर अब धीरे-धीरे अपना आकार लेने लगा है. प्रशासन का लक्ष्य इसे वर्ष 2027 तक पूर्ण कर जनता को समर्पित करना है.
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नहर चौराहे के दोनों ओर निर्माण कार्य ने अब गति पकड़ ली है. प्रोजेक्ट के शुरुआती चरण के बाद अब जमीन के ऊपर इसके पिलर (स्तंभ) स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं. वर्तमान में निर्माण एजेंसी ने प्रस्तावित हिस्से के दोनों किनारों पर सर्विस रोड के लिए पर्याप्त जगह छोड़ते हुए बैरिकेडिंग कर दी है.
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प्रशासन और इंजीनियरों का मुख्य ध्यान अभी पिलर तैयार करने पर है. जैसे ही पिलर का ढांचा पूर्ण होगा, ऊपर की स्लैब और गर्डर डालने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया जाएगा. निर्माण कार्य में तेजी को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि अगले साल तक इसके मुख्य ढांचे का बड़ा हिस्सा तैयार हो जाएगा.
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नहर चौराहा पहले से ही जोधपुर का प्रमुख ट्रैफिक पॉइंट है, जहां से एम्स, बनाड़ रोड और नागौर रोड की ओर भारी आवाजाही होती है. वर्तमान में निर्माण के चलते सड़क संकरी हो गई है, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है. वाहन चालकों को यह ट्रैफिक पॉइंट पार करने में औसतन 10 मिनट का समय लग रहा है. शाम के समय वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति और अधिक विकट हो जाती है.
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इस फ्लाईओवर का सबसे बड़ा लाभ चिकित्सा क्षेत्र और आपातकालीन सेवाओं को मिलेगा. यह ब्रिज बनकर तैयार होने पर AIIMS जोधपुर सहित करीब 12 बड़े अस्पतालों और 30 कॉलोनियों के निवासियों की राह आसान कर देगा.
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एंबुलेंस को प्राथमिकता: वर्तमान में बाड़मेर, बालोतरा और जैसलमेर से आने वाले गंभीर मरीजों को लेकर आने वाली एंबुलेंस अक्सर इस चौराहे पर जाम में फंस जाती हैं. फ्लाईओवर बनने के बाद ये वाहन बिना किसी रुकावट के सीधे अस्पताल पहुंच सकेंगे.
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वर्तमान डेटा के अनुसार, इस मार्ग पर रोजाना लगभग 10,000 पैसेंजर कार यूनिट (PCU) का ट्रैफिक लोड रहता है. शहर के विस्तार को देखते हुए भविष्य में इसके और बढ़ने की संभावना है. 79 करोड़ का यह निवेश न केवल जाम से मुक्ति दिलाएगा, बल्कि पश्चिमी राजस्थान से शहर में प्रवेश करने वाले वाहनों के लिए भी एक सुगम मार्ग प्रदान करेगा. 79 करोड़ रुपये का यह प्रोजेक्ट जोधपुर के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे आने वाले वर्षों में शहरवासियों को एक बड़ी राहत मिलने वाली है.