Udaipur Peepliya Ji: अगर आप सोचते हैं कि उदयपुर की असली खूबसूरती सिर्फ पिचोला झील, सिटी पैलेस और फतेहसागर तक ही सीमित है, तो अब समय है अपनी सोच बदलने का! शहर से सिर्फ 45 मिनट की ड्राइव पर एक ऐसी अनछुई जगह मिली है, जहां पहुंचते ही लगता है मानो स्विट्जरलैंड या केरल की पहाड़ियां राजस्थान में आ गई हों.
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Udaipur Peepliya Ji
ये जगह है उदयपुर से उबेश्वर जी होते हुए डॉडावली रोड पर स्थित पीपल्या जी और उसके आसपास की हरी-भरी वादियां. सर्दियों में पूरी तरह बादलों, कोहरे और हरियाली में डूब जाती हैं. सुबह-सुबह यहां की घाटियों में इतनी गजब की धुंध छाती है कि लगता है आप बादलों के ऊपर खड़े हैं. घुमावदार सड़कें, दोनों तरफ लहराते हरे पहाड़, बीच-बीच में बहते छोटे-छोटे झरने और उस पर कोहरे की सफेद चादर – ये नजारा देखकर कोई भी बोल उठेगा, “अरे! ये तो लेक पैलेस से भी कई गुना ज्यादा खूबसूरत है!”
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उदयपुर (राजस्थान). राजस्थान के उदयपुर से करीब 25-30 किमी दूर स्थित पीपल्या जी (Peepliya Ji) एक छोटा सा गांव है, जो मानसून और सर्दियों में अपनी हरी-भरी पहाड़ियों, घने जंगलों और धुंध-कोहरे (mist and fog) की चादर में लिपटा स्वर्ग जैसा लगता है. यह जगह "ग्रीन हिल्स" की मिसाल है, जहां अरावली की तलहटी में बहते नाले, घुमावदार सड़कें और बादल-सरीखी धुंध आपको एक अलग दुनिया में ले जाती हैं. खासकर मानसून में यहां बाइक ट्रिप या ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए यह 'हेवनली' डेस्टिनेशन बन जाता है. लेकिन इस प्राकृतिक सौंदर्य के पीछे छिपी है भिल समुदाय की सादगी भरी जिंदगी, जो सदियों से इन पहाड़ों की रक्षा कर रहा है.
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खास बात ये कि यहां अभी तक भीड़ नहीं है. सिर्फ लोकल बाइकर्स और कुछ ट्रेकर्स ही इस रूट को जानते हैं. मानसून में तो यहां का सीन ऐसा होता है कि हर कोने पर फोटो खींचने को जी चाहता है.
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सर्दियों में सुबह 7 से 10 बजे तक कोहरा इतना घना होता है कि 10 मीटर आगे भी कुछ दिखाई नहीं देता – बिल्कुल किसी विदेशी फिल्म का सीन!
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रास्ते में भिल बस्तियां भी हैं, जहां आप रुककर चाय पी सकते हैं, लोकल मक्की की रोटी-सांगरी की सब्जी खा सकते हैं और भिल समुदाय की सादगी को करीब से देख सकते हैं.
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तो अगली बार उदयपुर आएं तो सिर्फ झीलें और महल ही नहीं घूमें. सुबह-सुबह बाइक या कार निकालें, उबेश्वर जी की ओर चल पड़ें और 45 मिनट बाद खुद को इस जादुई दुनिया में पाएं. वादा है – एक बार यहां आएंगे तो बार-बार आने का मन करेगा और लेक पैलेस की भीड़ याद भी नहीं रहेगी!