Khatu Shyam Ji: 1 नवंबर यानी देवउठनी एकादशी को खाटू के साथ पूरे देश में बाबा श्याम का जन्मदिन मनाया जाएगा लेकिन क्या आपको पता है देवउठनी एकादशी को ही श्याम बाबा का बर्थडे क्यों मनाया जाता है.
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हर साल खाटू श्याम जी का बर्थडे कार्तिक शुक्ल पक्ष की देव उठनी एकादशी को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. बाबा के जन्मदिन पर इत्र से स्नान करवाकर गुलाब, चंपा, चमेली के साथ बहुत तरह के के फूलों से सजाया जाता है.
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इसके साथ ही बाबा श्याम को मावे का केक चढ़ाया जाता है. कहा जाता है कि कार्तिक माह की एकादशी पर बाबा का शीश मंदिर में सुशोभित किया गया था. इसके चलते बाबा श्याम का जन्मदिन देव उठनी एकादशी को मनाया जाता है.
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हर साल की तरह सीकर जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी में बाबा श्याम के जन्मोत्सव मेले को लेकर प्रशासन ने वार्षिक फाल्गुन मेले की तर्ज पर पूरी तैयारी कर ली है.
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आगामी 1 नवम्बर कार्तिक शुक्ल एकादशी को मनाए जाने वाले इस दो दिवसीय मेले में देशभर से करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के बाबा की चौखट पर पहुंचने की संभावना है.
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भीड़ को मध्यनजर रखते श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. मेले के दौरान हर दर्शन मार्ग पर 2600 सुरक्षा कर्मी चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे. इनमें 1100 पुलिसकर्मी, 500 होमगार्ड, 1000 निजी सुरक्षा गार्ड, और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल होंगे.
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भीड़ और यातायात व्यवस्था पर निगरानी रखने के लिए 2 ड्रोन कैमरे भी लगाए जाएंगे जो पूरे मेले क्षेत्र की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करेंगे. थानाधिकारी पवन चौबे ने बताया कि पुलिस प्रशासन पूर्ण सतर्कता के साथ तैयार है.
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भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, पार्किंग और सुरक्षा के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और मेले का आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें. बाबा श्याम के जन्मोत्सव पर खाटू धाम भक्तिमय माहौल में डूबा रहेगा और लाखों श्रद्धालु जय श्री श्याम, लखदातार की जय के जयकारों के साथ बाबा की चौखट पर पहुंच दर्शन करेंगे. (डिस्क्लेमर- ये लेख सामान्य जानकारी और लोगों द्वारा बताई गई कहानियों पर आधारित है, इसकी ज़ी मीडिया पुष्टि नहीं करता है.)