Khatu shyam Ji: आज हम आपको खाटू श्याम जी के बारे में एक बात बताने जा रहे हैं कि एक महीने में बाबा का रूप दो बार बदला जाता है. जानिए इसके पीछे की वजह.
1/6
Khatu shyam Ji
खाटू श्याम जी का रंग शुक्ल और कृष्ण पक्ष के अनुसार बदला जाता है. कृष्ण पक्ष में बाबा का रंग पीला होता है और शुक्ल पक्ष में बाबा का रंग काला होता है.
2/6
Khatu shyam Ji
खाटू श्याम जी का रंग शुक्ल और कृष्ण पक्ष के अनुसार बदला जाता है. कृष्ण पक्ष में बाबा का रंग पीला होता है और शुक्ल पक्ष में बाबा का रंग काला होता है.
3/6
Khatu shyam Ji
कृष्ण पक्ष में बाबा को ललाट से गालों तक चंदन का लेप किया जाता है. इस रूप को वर्ण रूप कहा जाता है, जो 23 दिन का होता है.
4/6
Khatu shyam Ji
शुक्ल पक्ष 7 दिन का होता है. इस दौरान बाबा रंग काला होता है, जिससे शालीग्राम रूप कहा जाता है. ये बाबा का मूल रूप कहा जाता है. इसके अलावा अमावस्या के दिन बाबा का विभिन्न प्रकार से इत्रों से अभिषेक किया जाता है.
5/6
Khatu shyam Ji
कहा जाता है यह रंग परिवर्तन भक्तों के लिए एक आस्था और परंपरा का हिस्सा है, जो बाबा श्याम की मूर्ति के श्रृंगार और दैनिक परंपराओं से जुड़ा हुआ है.
6/6
Khatu shyam Ji
कहते हैं कि खाटू श्याम जी को बहुत सारे रंग प्यारे लगते हैं. खासकर लाल और पीला रंग. लाल रंग शुभ माना जाता है और पीला रंग बाबा के दिव्य स्वरूप का प्रतीक है. (डिस्क्लेमर- ये लेख सामान्य जानकारी और लोगों द्वारा बताई गई कहानियों पर आधारित है, इसकी ज़ी मीडिया पुष्टि नहीं करता है.)