क्या आप जानते हैं खाटूश्यामजी मंदिर पर लहराने वाला पवित्र ध्वज कहां से आता है?
Khatu Shyam Ji: राजस्थान के झुंझुनूं जिले के सूरजगढ़ के श्याम भक्त खाटू पैदल जाते हैं और वापस भी पैदल ही आते हैं. भक्त अपने साथ लेकर आते हैं 376 साल पुरानी परंपरा. जानें क्या खास है इस परंपरा में.
Published:Jun 27, 2025, 01:48 PM IST | Updated:Jun 27, 2025, 01:48 PM IST
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खाटूश्यामजी मंदिर
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राजस्थान के सीकर जिले में स्थित विश्वप्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर की ऊंचाई पर हमेशा लहराता हुआ जो ध्वज आप देखते हैं, क्या आपने कभी सोचा है कि वो कहां से आता है? कौन लोग इसे मंदिर तक लाते हैं? साथ ही, महिलाएं सिर पर जलती हुई सिगड़ी लेकर क्यों चलती हैं? आज हम आपको इस आस्था से जुड़ी कुछ बेहद रोचक परंपराओं के बारे में बता रहे हैं.
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ध्वज कहां से आता है
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राजस्थान के झुंझुनूं जिले के सूरजगढ़ कस्बे से श्याम के भक्त हर साल पैदल यात्रा करते हुए खाटूश्याम जी के दरबार में यह ध्वज लेकर जाते हैं. खास बात ये है कि जहां ज़्यादातर लोग खाटू तो पैदल जाते हैं, लेकिन वापसी में वाहन से लौटते हैं. वहीं सूरजगढ़ के ये भक्त पैदल ही आते-जाते हैं.