Khatu Shyam Ji: खाटू श्याम जी मंदिर के पास श्याम कुंड है. इसे 'खाटू का तीर्थ जलाशय' कहा जाता है, जिसे पवित्र माना जाता है. भक्त यहां स्नान करने के साथ यहां का जल भी अपने घर लाते हैं. जानिए श्याम कुंड के जल की कहानी.
1/7
Khatu Shyam Ji
कहते हैं कि श्याम कुंड में स्नान करने से पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है. श्याम कुंड का जल पवित्र माना जाता है और यह बारह महीने भरा रहता है.
2/7
Khatu Shyam Ji
खाटू श्याम मंदिर के पास एक पवित्र तालाब है, जहां से बाबा श्याम का शीश निकला था. इस कुंड में भक्त स्नान करते हैं और खाटू नरेश की पूजा करते हैं. गोपीनाथ मंदिर मुख्य मंदिर के दक्षिण-पूर्व में स्थित है. गौरीशंकर मंदिर भी पास में ही स्थित है.
3/7
Khatu Shyam Ji
मान्यता है कि इस कुंड में स्नान करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है. जो भी निःसंतान दंपत्ति श्याम कुंड में स्नान करते हैं, उन्हें संतान सुख की प्राप्ति होती है.
4/7
Khatu Shyam Ji
मान्यताओं के अनुसार, इस कुंड का पानी जमीन से निकलता है, जिसके कारण इसे पाताल से आने वाला जल भी माना जाता है. श्याम कुंड का संबंध महाभारत काल से है, जहां बर्बरीक का शीश मिला था.
5/7
Khatu Shyam Ji
श्याम कुंड को 'खाटू का तीर्थ जलाशय' भी कहा जाता है, जो खाटू श्याम मंदिर आने वाले भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है. अहोई अष्टमी के दिन इस कुंड में स्नान करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है. इस खाटू का तीर्थ कुंड भी कहा जाता है.
6/7
Khatu Shyam Ji
खाटू श्याम बाबा का मंदिर के पट शनिवार और रविवार को 24 घंटे खुले रहते हैं. मंदिर में दिन में 5 बार आरती होती है. मंदिर की खासियत है कि यहां पर रोजाना बाबा श्याम का विशेष तौर पर श्रृंगार किया जाता है.
7/7
Khatu Shyam Ji
खाटू श्याम जी को श्याम बाबा, खाटू नरेश, हारे का सहारा, कलियुग का अवतार, बर्बरीक, मोरवीनंदन लाखा-दतारी, बाणधारी, शीश के दानी आदि जैसे नामों से संबोधित किया जाता है. (डिस्क्लेमर- ये लेख सामान्य जानकारी और लोगों द्वारा बताई गई कहानियों पर आधारित है, इसकी ज़ी मीडिया पुष्टि नहीं करता है.)