खाटू श्याम जी मंदिर क्यों हैं 13 सीढ़ियां? जानिए इसकी अनोखी कहानी

Edited bySneha AggarwalReported bySneha Aggarwal
Published: Jun 12, 2025, 02:16 PM|Updated: Jun 12, 2025, 02:16 PM

Khatu Shyam Ji: राजस्थान के सीकर जिले के खाटू कस्बे में बाबा श्याम का मंदिर हैं, जहां बाबा तक पहुंचने के भक्तों को 13 सीढ़ियों का चढ़ना पड़ता है, जब जाकर आप बाबा से मुलाकात कर पाते हैं. आज हम आपको उनकी 13 सीढ़ियों की कहानी बताने जा रहे हैं. 
 

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खाटू श्याम मंदिर में कुल 13 सीढ़ियां हैं, जो भक्तों को मंदिर के मुख्य गर्भगृह तक ले जाती हैं. इन 13 सीढ़ियों की धार्मिक मान्यता है. कहते हैं कि ये सीढ़ियां चढ़ बाबा के दर्शन करने से भक्तों से सारे दुःख- दर्द दूर होने लगते हैं.
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खाटू श्याम मंदिर में 13 सीढ़ियां चढ़ने के बाद भक्तों को बाबा श्याम के दर्शन होते हैं. मान्यता है कि 13वीं सीढ़ी पर बाबा का सिंहासन है, जहां वे भक्तों की अर्जी सुनते हैं और झोलियां भरते हैं.
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लोगों का कहना है कि 13 सीढ़ियों का काफी महत्व है. भक्त 'जय श्री श्याम' का नाम लेकर जब ये 13 सीढ़ियां चढ़ता है तो वह अपनी सारी परेशानी भूल जाता है.
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वहीं, लोग ये भी कहते हैं कि बाबा के दरबार में 13 सीढ़ियां इसलिए हैं क्योंकि श्याम बाबा अपने भक्तों को कहते हैं कि यहां 13 कुछ नहीं सब मेरा है.
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खाटू श्याम मंदिर की इन 13 सीढ़ियों को 'स्वर्ग का मार्ग' भी कहा जाता है. इसके अलावा माना जाता है कि जैसे-जैसे भक्त ये 13 सीढ़ियां चढ़ता है वैसे-वैसे उसके पापों का नष्ट होता है.
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कहानियों के मुताबिक, खाटू श्याम मंदिर का कहानी महाभारत काल से जुड़ी हुई है, जो वीर बर्बरीक की है. बर्बरीक को भगवान कृष्ण ने 'श्याम' नाम से कलियुग में पूजे जाने का वरदान दिया था.
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बर्बरीक को ही कलियुग में पूरी दुनिया खाटू श्याम जी के नाम से पूजती है और अपनी मनोकामना मांगती है. खाटू श्याम मंदिर को हारे का सहारा कहा जाता है क्योंकि ये अपने भक्त का हमेशा सहारा बनते हैं औक उनके कष्ट दूर करते हैं. (डिस्क्लेमर- ये लेख सामान्य जानकारी और लोगों द्वारा बताई गई कहानियों पर आधारित है, इसकी ज़ी मीडिया पुष्टि नहीं करता है.)