Khatu Shyam Ji: खाटू श्याम जी के मंदिर में मोरछड़ी का झाड़ा लगाया जाता है. कहते हैं कि बाबा श्याम को मोरपंख से काफी प्रेम है और इसका झाड़ा लगाने से भक्तों के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं. ऐसे में जानिए मोरछड़ी का झाड़ा कैसे लगाया जाता है?
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मोरछड़ी को खाटू श्याम का प्रतीक कहा जाता है. इसे भक्तों के सिर पर घुमाया जाता है. इससे उनकी परेशानियां दूर होती हैं और जीवन में खुशियों का आगमन होता है.
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खाटू श्याम जी की मोरछड़ी का झाड़ा लगाने के लिए सबसे पहले भक्त को मोरछड़ी को बाबा श्याम का प्रतीक मानकर सिर पर घुमाना चाहिए.
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जब बाबा श्याम की मोरछड़ी का झाड़ा लगाया जाता है, तो मोरछड़ी को बाबा श्याम के चरणों में रखने के बाद भक्तों के सिर पर घुमाया जाता है, जिससे बाबा सारे कष्ट हर लेते हैं.
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खाटू श्याम जी की मोरछड़ी का झाड़ा लगाने से सुख-शांति मिलती है और परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम बढ़ता है. मोरछड़ी को भगवान कृष्ण का भी प्रतीक माना जाता है क्योंकि भगवान कृष्ण को मोरपंख बहुत प्रिय थे.
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खाटू श्याम जी मोरछड़ी को पवित्र माना जाता है और इसे घर में रखने से घर का वातावरण भी पवित्र होता है. मोरछड़ी खाटू श्याम जी के भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण वस्तु है.
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कहते हैं कि खाटू श्यान जी से जो भी भक्त सच्चे मन से अरदास लगाता है, उसकी प्रार्थना बाबा श्याम सुनते हैं और उसकी इच्छा पूरी करते हैं.
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अगर आप खाटू श्याम जी के दरबार में दर्शन करने जाएं तो मोरछड़ी का झाड़ा लगवाने के साथ वहां का प्रसाद घर पर जरूर लेकर आएं और लोगों में प्रसाद बांटे. (डिस्क्लेमर- ये लेख सामान्य जानकारी और लोगों द्वारा बताई गई कहानियों पर आधारित है, इसकी ज़ी मीडिया पुष्टि नहीं करता है.)