Khatu shyam Ji: आज हम आपको एक ऐसी खास चीज के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आप खाटू श्याम जी मंदिर जरूर लेकर जाएं. कहते हैं कि बाबा के मंदिर में इस चीज को लेकर जाने से जीवन के सारे काम बन जाते हैं.
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राजस्थान की सीकर जिले के खाटू कस्बे में बाबा श्याम का भव्य मंदिर है, जहां रोजाना लाखों भक्त दर्शन करने आते हैं. कहा जाता है कि बाबा अपने भक्तों को कभी दरबार में निराश नहीं करते हैं.
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अगर आप भी खाटू श्याम जी मंदिर जाने का प्लान कर रहे हैं, तो आप मंदिर में इत्र जरूर लेकर जाएं. आप बाजार से एक इत्र चमेली और दूसरा गुलाब का इत्र लें.
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इन दोनों इत्र की बोतल को बाबा श्याम मंदिर में ले जाएं, तो फिर वहां एक इत्र की बोतल को लेकर छिड़क दें और दूसरी इत्र की बोतल को अपने साथ घर लेकर आ जाएं.
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इसके बाद इत्र की बोतल को अपने घर के मंदिर में रख दें. फिर रोज नहाकर खुद को इत्र लगाएं. कहते हैं कि ऐसा करने से सारे बिगड़ काम बनने लगते हैं.
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खाटू श्याम जी मंदिर के सबसे पास रेलवे स्टेशन रींगस पड़ता है. यहां से खाटूश्याम मंदिर लगभग 18 किलोमीटर दूर है. खाटू श्याम जी कहानी महाभारत काल से जुड़ी हुई है.
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खाटू श्याम जी मंदिर आज के समय में एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल बन चुका है, जहां बर्बरीक के शीश की पूजा होती है, वहीं, बर्बरीक का धड़ (खाटू श्याम) हरियाणा के हिसार जिले के गांव स्याहड़वा में स्थित है.
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खाटू श्याम जी को बर्बरीक, कलयुगी के अवतारी, खाटू नरेश, लखदातार, मोरवी नंदन, तीन बाण धारी, शीश का दानी, लीलण (नीले घोड़े वाले), हारे का सहारा, श्याम, और खाटू वाले के नाम से पुकारा जाता है. (ये लेख सामान्य जानकारी और लोगों द्वारा बताई गई कहानियों पर आधारित है, इसकी ज़ी मीडिया पुष्टि नहीं करता है.)