Khatu Shyam Ji: एकादशी का दिन खाटू श्याम जी के भक्तों के लिए विशेष दिन माना जाता है. ऐसे में आने वाली योगिनी एकादशी पर भी बाबा का विशेष श्रृंगार होगा. साथ ही इस दिन निर्जला एकादशी की तरह भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल सकती है.
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एकादशी का दिन खाटू श्याम जी के लिए विशेष माना जाता है. इस दिन बाबा का विशेष श्रृंगार होता है और भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है. इसके अलावा इस दिन खाटू नगरी में मेला भी लगता है.
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आने वाली 21 जून यानी शनिवार को योगिनी एकादशी है. ऐसे में इस दिन खाटू श्याम जी दरबार में भक्तों का सैलाब उमड़ सकता है. साथ ही इस दिन बाबा का विशेष फूलों से श्रृंगार होगा.
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योगिनी एकादशी का व्रत हिंदू धर्म में बहुत ही विशेष माना जाता है. इसे भगवान विष्णु की पूजा के लिए मनाया जाता है. यह व्रत हर साल आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है.
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पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 21 जून को सुबह 07 बजकर 18 मिनट पर शुरू होगी, जिसका समापन 22 जून को सुबह 04 बजकर 27 मिनट पर होगा. ऐसे में 21 जून को योगिनी एकादशी व्रत किया जाएगा.
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एकादशी तिथि का खाटू श्याम जी के साथ गहरा संबंध है. फाल्गुन माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी को खाटू श्याम जी का शीश खाटू नगरी में मिला था, इसलिए इस दिन को खाटू श्याम जी के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है. इस दिन खाटू श्याम मंदिर में विशेष पूजा और मेले का आयोजन होता है.
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कहते हैं कि एकादशी तिथि को खाटू श्याम जी के दर्शन करने और पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन की परेशानियां दूर होती हैं. साथ ही एकादशी का व्रत करने और खाटू श्याम जी की पूजा करने से पापों का नाश होता है.
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योगिनी एकादशी पर गरीब लोगों में अन्न, धन और कपड़े आदि चीजों का दान करें. कहते हैं कि इन चीजों का दान करने से धन की प्राप्ति होती है और मां लक्ष्मी की खुश होती हैं. (डिस्क्लेमर- ये लेख सामान्य जानकारी और लोगों द्वारा बताई गई कहानियों पर आधारित है, इसकी ज़ी मीडिया पुष्टि नहीं करता है.)