Kota Weather Update: कोटा, 5 सितंबर 2025: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कोटा और इसके आसपास के क्षेत्रों के लिए गंभीर मौसम अलर्ट जारी किया है. आज दोपहर 2:50 बजे के आसपास जारी इस चेतावनी में अगले कुछ घंटों में भीषण बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है. मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र और राज्य पर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण बारिश की तीव्रता बढ़ने की उम्मीद है.
1/7
Kota Weather Update
यह स्थिति 5 से 6 सितंबर तक कोटा, उदयपुर, अजमेर और भरतपुर संभागों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को बल देती है.
2/7
Kota Weather Update
कोटा में पिछले 48 घंटों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे नदियां उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव की शिकायतें सामने आई हैं.
3/7
Kota Weather Update
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदियों, नालों या जलाशयों के निकट जाने से बचने की सलाह दी है.
4/7
Kota Weather Update
विशेष रूप से, चंबल नदी के किनारे बसे गांवों में स्थिति गंभीर हो सकती है, क्योंकि जलस्तर में तेजी से वृद्धि की आशंका है. मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि अगले 6 से 12 घंटों में 100 मिमी से अधिक बारिश हो सकती है, जो बाढ़ के जोखिम को बढ़ा सकती है.
5/7
Kota Weather Update
प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें अलर्ट पर हैं, और जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत कार्य शुरू किए जाएंगे. स्थानीय अधिकारियों ने मछुआरों और नाविकों को समुद्र या नदियों में न जाने की सख्त हिदायत दी है.
6/7
Kota Weather Update
इसके अलावा, स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने पर विचार किया जा रहा है ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. बिजली और संचार सेवाओं में व्यवधान की आशंका को देखते हुए, संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. फंसे लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, और प्रशासन से अपील की गई है कि वे समय रहते स्थिति पर नियंत्रण पाएं.
7/7
Kota Weather Update
सोशल मीडिया पर मौसम संबंधी अपडेट्स और तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिसमें कोटा की सड़कों पर पानी का स्तर बढ़ता दिखाई दे रहा है. यह बारिश जहां एक ओर प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ा रही है, वहीं इसके साथ-साथ खतरे की घंटी भी बजा रही है. लोगों से अपील की जा रही है कि वे मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लें और सावधानी बरतें.