Rajasthan Fort: राजस्थान के इस किले में आज भी छिपा है कुबेर का खजाना, मुगलों की धन-दौलत का नहीं है कोई हिसाब...

Kunwara Fort: बाला किला, जिसे कुंवारा किला भी कहा जाता है, अलवर जिले में स्थित एक प्राचीन दुर्ग है. यह किला अरावली की पहाड़ियों पर लगभग 300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और 5 किलोमीटर की दूरी तक फैला हुआ है. इस किले को कुंवारा किला इसलिए कहा जाता है क्योंकि इतिहास में यहां कभी कोई युद्ध नहीं हुआ. किले में कई महल हैं, जिनमें से एक प्रमुख महल है जो मुगल सम्राट जहांगीर के ठहराव के लिए प्रसिद्ध है.
 

 

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कुंवारा किला

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किले की वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व बहुत अधिक है. इसमें 6 प्रवेश द्वार हैं - जय पोल, सूरज पोल, लक्ष्मण पोल, चांद पोल, कृष्णा पोल और अंधेरी पोल. ये प्रवेश द्वार किले की सुरक्षा और भव्यता को दर्शाते हैं. इसके अलावा, किले की दीवारों में 446 बंदूक छेद हैं, जो दुश्मनों पर गोलियां बरसाने के लिए बनाए गए थे. किले की ये विशेषताएं इसकी ऐतिहासिक महत्व और वास्तुकला को दर्शाती हैं.
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किले का इतिहास

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किले का इतिहास भी बहुत रोचक है. इसका निर्माण कब हुआ, इस पर इतिहासकारों की अलग-अलग राय है. कुछ इसे शिल्प जाति द्वारा निर्मित मानते हैं, तो कुछ इसे निकुम्भ या हसन खान मेवाती द्वारा निर्मित मानते हैं. यह किला 1545 ईस्वी से 1755 ईस्वी तक मुगलों के अधीन रहा, और बाद में भरतपुर के जाट राजाओं ने इस पर अधिकार कर लिया.