Naresh Meena: 42 दिन बाद जेल से रिहा हुए नरेश मीणा, बोले- 'जिसने जेल भेजा, उससे गिन-गिनकर हिसाब लूंगा'

Edited byAnsh Raj
Published: Sep 07, 2025, 08:35 AM|Updated: Sep 07, 2025, 08:35 AM

Naresh Meena: नरेश मीणा 42 दिन बाद झालावाड़ जेल से रिहा! बोले, "जिस नेता ने मुझे जेल भेजा, उससे गिन-गिनकर हिसाब लूंगा." समर्थकों ने की नारेबाजी.

Naresh Meena1/8

Naresh Meena

राजस्थान के चर्चित नेता और सामाजिक कार्यकर्ता नरेश मीणा को 42 दिन की कैद के बाद शनिवार शाम 5:50 बजे झालावाड़ जेल से रिहा कर दिया गया. रिहाई के बाद नरेश मीणा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "मैं बच्चों को न्याय दिलाने के लिए धरने पर बैठा था.
Naresh Meena2/8

Naresh Meena

मुझे कई धाराओं में फंसाकर सवा महीने तक जेल में रखा गया. जिस नेता ने मुझे जेल भेजा, उसका पता लग चुका है और समय आने पर मैं उससे गिन-गिनकर हिसाब लूंगा.
Naresh Meena3/8

Naresh Meena

वह दिन जरूर आएगा जब हिसाब बराबर होगा." उनकी रिहाई के मौके पर जेल के बाहर समर्थकों ने उनके समर्थन में नारेबाजी की और बाद में वे बारां के लिए रवाना हो गए.
Naresh Meena4/8

Naresh Meena

दरअसल, नरेश मीणा ने झालावाड़ में 25 जुलाई 2025 को पिपलोदी के सरकारी स्कूल में हुए हादसे के विरोध में प्रदर्शन किया था, जिसमें स्कूल की इमारत का हिस्सा गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई थी.
Naresh Meena5/8

Naresh Meena

इस हादसे के बाद मृतक बच्चों के आश्रितों और घायलों को आर्थिक सहायता की मांग को लेकर नरेश मीणा SRG हॉस्पिटल के बाहर धरने पर बैठे थे.
Naresh Meena6/8

Naresh Meena

इस दौरान पुलिस ने उन्हें और उनके दो समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया था. दो दिन पहले राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी होने पर उनकी रिहाई संभव हो सकी.
Naresh Meena7/8

Naresh Meena

नरेश मीणा का यह पहला जेल प्रवास नहीं है. इससे पहले, देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने के दौरान 14 नवंबर 2024 को उन्होंने SDM अमित कुमार चौधरी को थप्पड़ मार दिया था, जिसके बाद उन्हें समरावता गांव से गिरफ्तार किया गया था.
Naresh Meena8/8

Naresh Meena

करीब आठ महीने बाद 14 जुलाई 2025 को टोंक जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने हाड़ौती क्षेत्र में जन क्रांति यात्रा शुरू की थी. इसी दौरान पिपलोदी स्कूल हादसे ने उन्हें फिर से चर्चा में ला दिया. नरेश मीणा की रिहाई ने एक बार फिर उनके सियासी और सामाजिक प्रभाव को उजागर किया है, और उनकी यह टिप्पणी कि वे हिसाब बराबर करेंगे, राजस्थान की सियासत में नई हलचल पैदा कर सकती है.