Bhilwara Crime News: जाको राखे साईयां...मार सके ना कोई. 15 दिन का बच्चा जिसके मुंह में दूध की जगह पत्थर भर दिया गया हो..हद ये कि रोने की आवाज ना आए इसलिए मुंह पर गोंद चिपका दिया गया हो...उसे बचाने के लिये खुद माता रानी ने एक फरिश्ता भेज दिया.
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Bhilwara Crime News: .... उसे नहीं पता था कि जिनके भरोसे उसने दुनिया में आंखें खोली, उन्हीं के लिए बोझ बन जाएगा. उस मासूम को तो पता भी नहीं था कि उसे किस गलती की सजा मिली पर जब उसके मुंह में दूध के बजाय पत्थर के टुकड़े भरे गए होंगे तो उसने मन ही मन कोख में रखने वाली मां को तो याद किया ही होगा. जो मां उसे 9 महीने तक कोख में रख ले गई, उसके जन्म के बाद ऐसा क्या हुआ कि मुंह में पत्थर रखकर, होठों पर फेवीक्विक लगाकर पत्थरों से दबाकर मरने के लिए छोड़ गई.
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राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने हर किसी के दिल को झकझोर दिया. जिले के बिजौलिया उपखंड के माल का खेड़ा रोड स्थित सीताकुंड जंगल में एक 10 से 12 दिन के नवजात शिशु को पत्थरों के नीचे दबाकर छोड़ दिया गया. मासूम की हालत देखकर किसी की भी आंखें नम हो जाएं.
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जिसने भी यह कृत्य किया, उसने अमानवीयता की सारी सीमाएं पार कर दीं. मासूम की चीखें दबाने के लिए उसके मुंह में एक पत्थर डालकर फेविक्विक से चिपका दिया गया था. यह दृश्य देख वहां मौजूद लोग सन्न रह गए. लेकिन कहते हैं ना कि जाको राखे साईयां, मार सके ना कोय. इस नवजात को भी भगवान ने बचाने के लिए समय पर एक मददगार भेज दिया.
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मंगलवार दोपहर को एक चरवाहा अपने मवेशी चरा रहा था. अचानक उसे पास के पत्थरों से हल्की-सी रोने की आवाज सुनाई दी. जब वह पास गया तो उसके होश उड़ गए. पत्थरों के नीचे एक नवजात दबा हुआ था. उसने तुरंत पास ही मौजूद मंदिर में बैठे ग्रामीणों को सूचना दी. ग्रामीणों ने पुलिस को खबर दी और सब मिलकर बच्चे को बाहर निकाला.
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बच्चे की स्थिति बेहद गंभीर थी. उसका मुंह फेविक्विक से चिपका हुआ था, पाउच भी वहीं पड़ा मिला. साथ ही, पत्थरों की गर्मी से उसका शरीर झुलस गया था. पुलिस ने तत्काल 108 एम्बुलेंस को बुलाया और बच्चे को बिजौलिया अस्पताल पहुंचाया. वहां से हालत नाजुक होने पर उसे भीलवाड़ा जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया.
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बच्चे का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने बताया कि बच्चे की हालत नाजुक है. पत्थरों की गर्मी से उसका लेफ्ट साइड का शरीर बुरी तरह झुलस गया है. फिलहाल डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी देखभाल कर रही है.
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इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है. ग्रामीणों से लेकर प्रशासन तक हर कोई स्तब्ध है कि कोई इतनी हैवानियत कैसे कर सकता है. बिजौलिया थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और दोषियों तक जल्द पहुंचने की कोशिश की जा रही है.