Politics Quiz: बरकतुल्ला ख़ां राजस्थान के पहले मुस्लिम और गैर-हिंदू मुख्यमंत्री थे. 1971 में वे इस पद पर पहुंचे और सादगी व साफ राजनीति के लिए याद किए गए. 1973 में सड़क हादसे में उनका निधन हो गया. उनका कार्यकाल छोटा रहा पर प्रभाव गहरा छोड़ गया.
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गैर-हिंदू मुख्यमंत्री
राजस्थान का राजनीतिक इतिहास कई अहम पड़ावों से गुज़रा है. यहां कई नेताओं ने अपनी अलग छाप छोड़ी और प्रदेश की राजनीति को दिशा दी. इन्हीं में ऐसे भी नेता हुए, जिन्होंने राजस्थान का पहला मुस्लिम और गैर-हिंदू मुख्यमंत्री बनने का गौरव हासिल किया था.
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जन्म
इनका जन्म 1920 में जोधपुर में हुआ था. उन्होंने शुरुआती शिक्षा यहीं से हासिल की और आगे चलकर राजनीति में सक्रिय हुए. कांग्रेस पार्टी से जुड़े ख़ां ने अपनी ईमानदारी, सादगी और व्यवहारकुशलता से जनता और नेताओं का विश्वास जीता. वे संगठन के भीतर भी बेहद लोकप्रिय रहे.
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मोहनलाल सुखाड़िया के इस्तीफे के बाद बने सीएम
साल 1971 में जब तत्कालीन मुख्यमंत्री मोहनलाल सुखाड़िया ने इस्तीफा दिया, तब कांग्रेस हाईकमान ने ख़ां को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी. यह निर्णय ऐतिहासिक था क्योंकि पहली बार किसी मुस्लिम नेता को राजस्थान की कमान मिली थी.
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प्रदेश में हुआ विकास
ख़ां के मुख्यमंत्री बनने से समाज के उस तबके में उत्साह बढ़ा, जो अक्सर खुद को राजनीति की मुख्य धारा से दूर समझता था. उन्होंने प्रदेश में विकास की कई योजनाओं को आगे बढ़ाया. शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया. उनके कार्यकाल को जनता आज भी सादगी और साफ-सुथरी राजनीति के लिए याद करती है.
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मृत्यु
दुर्भाग्य से उनका कार्यकाल लंबा नहीं चला. 1973 में एक सड़क दुर्घटना में उनकी असमय मृत्यु हो गई. उस समय वे केवल 53 वर्ष के थे. उनकी अचानक हुई मौत ने पूरे प्रदेश को गहरे सदमे में डाल दिया. लोग आज भी कहते हैं कि अगर सीएम ख़ां को अधिक समय मिलता, तो वे राजस्थान की राजनीति और विकास दोनों को नई दिशा दे सकते थे.
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बरकतुल्ला ख़ां
इनका नाम बरकतुल्ला ख़ां था. जिनका नाम राजस्थान की राजनीति में हमेशा एक मिसाल के तौर पर लिया जाता है. वे न केवल पहले मुस्लिम मुख्यमंत्री थे, बल्कि उन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने जाति और धर्म से ऊपर उठकर काम किया. उनकी सादगी, जनता से जुड़ाव और साफ छवि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी हुई है.
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Disclaimer
प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. Zee Rajasthan इसकी पुष्टि नहीं करता है.