Pratapgarh News: जिले की ग्राम पंचायत बजरंगगढ़ के गांव अरनिया में बारिश ने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है. हालात ये हैं कि गांव का सरकारी विद्यालय इन दिनों वाटर पार्क में तब्दील हो गया है. पूरे विद्यालय परिसर में पानी ही पानी भरा रहा. बच्चों को बैठने तक में परेशानी हुई और आखिरकार स्कूल प्रशासन को छुट्टी करनी पड़ी.
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Pratapgarh News: ग्रामीण विक्रम सिंह ने बताया कि बरसात का पानी गांव के रास्तों से निकलकर सीधे विद्यालय में भर जाता है. नतीजतन बच्चों की पढ़ाई पर तो असर पड़ ही रहा है, साथ ही मुख्य सड़क पर भी पानी जमा होने से लोगों का आना-जाना मुश्किल हो जाता है.
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ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल के पास बनी CC रोड के दोनों ओर नालियां नहीं होने से बरसात का पानी जमा होकर घरों और विद्यालय में घुस जाता है. हालात यह हैं कि तेज रफ़्तार से गुजरने वाले वाहनों की छींटों से पानी मकानों तक पहुंच जाता है.
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गांववालों ने आरोप लगाया कि इस समस्या की ओर न तो प्रशासन ध्यान दे रहा है और न ही स्थानीय जनप्रतिनिधि. नतीजा यह है कि हर बरसात में बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है और ग्रामीणों का जीवन भी अस्त-व्यस्त हो जाता है.
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दूसरी तरफ अरनोद क्षेत्र की ग्राम पंचायत मडावरा के अंतर्गत चाचा खेड़ी रोड पर नाला निर्माण न होने से देर रात ग्रामीणों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा. बारिश का पानी सड़क से होकर सीधे मकानों में घुस गया, जिसके कारण घरों के भीतर करीब एक फीट तक पानी भर गया. लोगों को पूरी रात जागकर पानी बाहर निकालना पड़ा.
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पानी भरने से गृहस्थी का सामान भी खराब हो गया, वहीं कच्ची दीवारों में सीलन चढ़ने लगी है, जिससे मकानों के गिरने का खतरा भी मंडरा रहा है. स्थानीय निवासी कृष्ण राणा ने बताया कि गांव के लोग पिछले चार साल से पंचायत से नाला निर्माण की मांग कर रहे हैं. वार्ड पंच के माध्यम से प्रस्ताव भी कई बार दिए गए, लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई.
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ग्रामीणों का कहना है कि कागजों में निर्माण दिखा दिया गया है, इसी कारण हकीकत में नाला नहीं बन पाया. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही सड़क के दोनों ओर नाला निर्माण नहीं कराया गया तो समस्त ग्रामवासी उग्र आंदोलन करेंगे और ग्राम पंचायत मडावरा पर ताला जड़ने के लिए बाध्य होंगे. साथ ही यदि पानी भराव से मकानों को नुकसान या जनहानि होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी पंचायत और प्रशासन की होगी.