Rajasthan Quiz: राजस्थान की राजनीतिक सफर बेहद ही दिलचस्प रहा है. जहां पर पहले विधानसभा चुनाव से पूर्व तीन मुख्यमंत्रियों ने अपनी सेवाएं राज्य को दी थीं. हालांकि ये तीनों सीएम मनोनीत थे. तो वहीं पहले निर्वाचित सीएम 1952 में बने थे.
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राजस्थान की राजनीति
राजस्थान का राजनीतिक इतिहास बेहद दिलचस्प रहा है. वर्ष 1952 में जब पहली बार विधानसभा चुनाव हुए, उससे पहले भी तीन नेताओं ने मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया था. ये नेता हीरालाल शास्त्री, सी.एस. वेंकटाचार और जय नारायण व्यास थे. इनका योगदान राजस्थान की राजनीति और प्रशासन की नींव रखने में बेहद अहम रहा.
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हीरालाल शास्त्री
राजस्थान के पहले मुख्यमंत्री हीरालाल शास्त्री थे. वे एक समाजसेवी और शिक्षा प्रेमी नेता के रूप में जाने जाते थे. 7 अप्रैल 1949 को उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. उनका कार्यकाल लंबा नहीं रहा, लेकिन उन्होंने जनसेवा, शिक्षा और ग्रामीण विकास को अपनी प्राथमिकताओं में रखा. शास्त्री का मानना था कि राजस्थान की असली ताकत गांवों में बसती है और उनका उत्थान ही राज्य को आगे ले जा सकता है.
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सी.एस. वेंकटाचार
हीरालाल शास्त्री के बाद सी.एस. वेंकटाचार राजस्थान के दूसरे मुख्यमंत्री बने. वे 5 जनवरी 1951 से 26 अप्रैल 1951 तक इस पद पर रहे. वेंकटाचार मूल रूप से एक प्रशासक थे और उनके कार्यकाल में प्रशासनिक ढांचे को व्यवस्थित करने की दिशा में कई कदम उठाए गए. भले ही उनका कार्यकाल छोटा था, लेकिन राजस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा देने में उनका योगदान अहम माना जाता है.
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जय नारायण व्यास
राजस्थान के तीसरे मुख्यमंत्री जय नारायण व्यास रहे. उनका कार्यकाल 26 अप्रैल 1951 से 3 मार्च 1952 तक रहा. व्यास स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और प्रखर वक्ता थे. उन्होंने राजनीति में लोकतांत्रिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का काम किया. उनका प्रयास था कि राजस्थान की जनता को लोकतांत्रिक व्यवस्था से जोड़ा जाए और राज्य का विकास तेज गति से हो.
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पहले निर्वाचित सीएम
वर्ष 1952 में जब राजस्थान में पहली बार विधानसभा चुनाव हुए, तो जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से अपने प्रतिनिधि चुने. चुनाव के बाद टीकाभाई भवरलाल (टीकाराम पालीवाल) पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री बने. यह राजस्थान की राजनीति का नया अध्याय था.
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वर्तमान सीएम
वहीं आज वर्तमान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा हैं, जिन्होंने 2023 में पदभार संभाला. यह सफर बताता है कि राजस्थान की राजनीति ने बीते दशकों में कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन लोकतंत्र की जड़ें लगातार मजबूत होती गईं.
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राष्ट्रपति शासन
इसके साथ ही आपको बता दें कि राजस्थान में 4 बार राष्ट्रपति शासन भी लगा था. सबसे पहले ये 13 मार्च 1967 से लेकर 26 अप्रैल 1967 तक, दूसरी बार 29 अप्रैल 1977 से 22 जून 1977 तक और तीसरी बार 16 फरवरी 1980 से 6 जून 1980 तक औक चौथी और आखिरी बार 15 दिसम्बर 1992 से 4 दिसम्बर 1993 तक यह दौर राज्य ने देखा था.