Mughal: अकबर का जन्म 1542 में सिंध के अमरकोट किले में हुआ था. उनके पिता हुमायूं, शेरशाह सूरी से हारकर शरण की तलाश में थे, तभी अमरकोट के हिंदू शासक राणा प्रसाद ने आश्रय दिया. कठिन हालात में जन्मे अकबर आगे चलकर मुगल साम्राज्य के महान सम्राट बने.
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मगलों का शासन
भारत के इतिहास में मुगलों का शासन करीब 331 सालों तक फैला रहा. इस लंबे दौर में मुगल बादशाहों की नीतियां, युद्ध और उनके द्वारा समाज पर डाले गए प्रभाव आज भी इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. अक्सर मुगलों के राज को लेकर हिंदुओं पर हुए अत्याचारों की चर्चा होती है, लेकिन इसी बीच एक दिलचस्प तथ्य यह भी है कि महान मुगल सम्राट अकबर का जन्म एक हिंदू राजा के महल में हुआ था.
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हुमायूं की शादी
दरअसल, अकबर के पिता हुमायूं, शेरशाह सूरी से हारकर बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन बिता रहे थे. चौसा (1539) और कन्नौज (1540) की लड़ाइयों में हार के बाद हुमायूं को अपनी जान बचाकर भागना पड़ा. मजबूरी में वे पश्चिम की ओर बढ़े और वर्तमान सिंध क्षेत्र की तरफ चले गए. यहीं उनकी मुलाकात हमीदा बानो बेगम से हुई और दोनों का विवाह हुआ.
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राजपूत किले में हुआ अकबर का जन्म
इस कठिन दौर में अमरकोट के हिंदू शासक राणा प्रसाद ने हुमायूं और उनकी पत्नी को शरण दी. यह शरण ही आगे चलकर भारतीय इतिहास की दिशा बदलने वाली साबित हुई. साल 1542 में अमरकोट के राजपूत किले में हुमायूं और हमीदा के घर एक पुत्र का जन्म हुआ. इस पुत्र का नाम जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर रखा गया. जिसे आगे चलकर अकबर महान के नाम से जाना गया.
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अमरकोट किला
अमरकोट किला, जो उस समय राजपूताना की सीमा में था और आज पाकिस्तान के सिंध प्रांत में स्थित है, इस ऐतिहासिक घटना का साक्षी बना. यह तथ्य अपने आप में अनोखा है कि जिस सम्राट ने आगे चलकर पूरे भारत में अपनी नीतियों और शासन प्रणाली के लिए ख्याति पाई, उसका जन्मस्थान एक हिंदू राजा के महल में रहा.
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अकबर का राज
अकबर का शासनकाल कई मायनों में विशेष था. उन्होंने धार्मिक सहिष्णुता, "सुलह-ए-कुल" जैसी नीतियों और प्रशासनिक सुधारों के जरिए मुगलों को मजबूत आधार दिया. यही कारण है कि उन्हें अन्य मुगल शासकों से अलग और विशिष्ट माना जाता है.
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इतिहास का पन्ना
इस तरह, अमरकोट का वह किला सिर्फ पत्थरों का ढांचा नहीं है, बल्कि इतिहास का वह पन्ना है जिसने भारत को अकबर जैसा शासक दिया. यह तथ्य याद दिलाता है कि इतिहास में कठिन परिस्थितियों और अप्रत्याशित घटनाओं ने कई बार नई दिशाएं दी हैं.
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