Rajasthan Quiz: क्या आप जानते हैं कि भैरोंसिंह शेखावत राजस्थान के प्रथम गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री और प्रदेश से उपराष्ट्रपति पद तक पहुंचने वाले पहले नेता थे. उन्हें राजस्थान का चाणक्य के नाम से भी जाना जाता है. आइए जानते हैं आज राजस्थान के इस शानदार नेता के बारे में.
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भैरोंसिंह शेखावत
राजस्थान की राजनीति में भैरोंसिंह शेखावत का नाम एक ऐसे जननेता के रूप में दर्ज है, जिन्होंने प्रदेश की राजनीति को नई दिशा दी. वे न केवल राजस्थान के प्रथम गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बने, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी उन्होंने अपनी मजबूत छवि कायम की.
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जन्म
भैरोंसिंह शेखावत का जन्म 23 अक्टूबर 1923 को सीकर जिले के खाचरियावास गांव में हुआ था. सामान्य किसान परिवार से आने वाले शेखावत ने कठिन परिस्थितियों में शिक्षा प्राप्त की और प्रारंभिक दौर में पुलिस विभाग में नौकरी भी की. परंतु उनका मन सदैव समाज सेवा और राजनीति की ओर झुका रहा.
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भाजपा के संस्थापक नेताओं में से एक
राजनीतिक जीवन की शुरुआत उन्होंने जनसंघ से की और बाद में भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक नेताओं में शामिल हुए. वे कई बार विधायक निर्वाचित हुए और उनकी संगठन क्षमता ने उन्हें राजस्थान की राजनीति में सबसे प्रभावशाली नेताओं की श्रेणी में ला खड़ा किया.
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राजस्थान के पहले गैर-कांग्रेसी सीएम
1980 के दशक में कांग्रेस के वर्चस्व को चुनौती देते हुए भैरोंसिंह शेखावत राजस्थान के प्रथम गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बने. 1977 में जनता पार्टी सरकार के समय वे पहली बार मुख्यमंत्री बने. इसके बाद 1990 और 1993 में भी उन्होंने मुख्यमंत्री पद संभाला. उनके नेतृत्व में राजस्थान ने विकास के कई नए आयाम छुए. उन्हें "राजस्थान का चाणक्य" कहा जाता है क्योंकि वे राजनीतिक समीकरणों को साधने और संगठन को मजबूत करने की अद्भुत क्षमता रखते थे.
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राज्यसभा सांसद भी रहे
मुख्यमंत्री बनने से पूर्व वे मध्यप्रदेश से राज्यसभा सदस्य भी रहे थे. यही नहीं, 2002 में वे भारत के उपराष्ट्रपति चुने गए और इस पद पर पहुंचने वाले राजस्थान के पहले नेता बने. उपराष्ट्रपति के रूप में भी उन्होंने अपनी सरलता, संवेदनशीलता और दूरदर्शिता से एक अलग पहचान बनाई.
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जननेता के रूप में उभरे
भैरोंसिंह शेखावत का राजनीतिक सफर संघर्षों, चुनौतियों और उपलब्धियों से भरा रहा. वे केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि जनता के नेता थे जिनका व्यक्तित्व सरल और जनहितैषी था. राजस्थान की राजनीति में उनके योगदान को हमेशा स्वर्ण अक्षरों में याद किया जाएगा.
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Disclaimer
प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. Zee Rajasthan इसकी पुष्टि नहीं करता है.