Rajasthan Mahadev Mandir: राजस्थान में घूमने के लिए सिर्फ किले और महल ही नहीं है. यहां पर प्राकृतिक सौंदर्यता के साथ-साथ कई चमत्कारी महादेव मंदिर भी स्थित हैं. जहां दर्शन करने के लिए दूर-दूर से भक्तजन आते हैं.
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राजस्थान की राजधानी जयपुर के प्रेमपुरा गांव में एक बेहद ही खास और प्रमुख महादेव मंदिर स्थित है. जिसको झारखंड महादेव मंदिर के नाम से जाना जाता है. यह मंदिर दक्षिण भारतीय वास्तुकला का शानदार उदाहरण है. सावन और महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर परिसर में भारी भीड़ देखी जाती है.
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राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित ऋषि वशिफ्ठ की तपस्थली में बसा है अचलेश्वर महादेव मंदिर. आपको बता दें कि यह दुनिया का पहला ऐसा मंदिर है, जहां भगवान शिव के पैर के अंगूठे की पूजा होती है. मान्यता है कि भगवान शिव ने अपने दाहिने पैर के अंगूठे से इस पहाड़ को थाम रखा है.
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भारत में महादेव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक घुश्मेश्वर महादेव मंदिर भी आप देखने के लिए अपने परिवार के साथ इस सावन जा सकते हैं. कहा जाता है कि घुश्मा नामक एक ब्राह्मणी की शिवभक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उसके नाम से ही यहां अवस्थित होने का वरदान दिया था. जिसके बाद से इस स्थान की बहुत मान्यता है. यह मंदिर आपको सवाई माधोपुर जिले में मिलेगा.
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राजस्थान के सिरोही में श्री सारणेश्वर महादेव मंदिर यहां के वासियों के बीच बहुत बड़ी आस्था का प्रतीक है. इसका निर्माण राजपूत सेनाओं के द्वारा दिल्ली के सुल्तान के खिलाफ लड़े गए युद्ध में जीतने के बाद हुआ. शुरुआत में मंदिर का नाम क्षारणेश्वर रखा गया था, क्योंकि युद्ध में बहुत तलवारें चली थीं. महादेव मंदिर को सिरोही के देवडा चैहान राजवंश के ईष्टदेव के रूप पूजते हैं.
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राजस्थान के पाली में स्थित सोमनाथ शिवलिंग का निर्माण गुजरात में स्थित सोमनाथ ज्योतिर्लिंग से प्रेरित होकर हुआ था. कहा जाता है कि यह मंदिर लगभघ 1121 साल पुराना है. इतना ही नहीं यहां पर 221 सालों से लगातार अखंड ज्योति भी जल रही है.
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