Rajasthan Artificial Rain: राजस्थान में आज यानी 12 अगस्त को तीसरी बार कृत्रिम बारिश का इस्तेमाल किया गया, जो ड्रोन से पहली क्लाउड सीडिंग का प्रयास फेल साबित हुआ.
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जयपुर में ड्रोन से पहली क्लाउड सीडिंग का प्रयास फेल रहा. इस दौरान ड्रोन उड़ा, लेकिन कुछ ही देर में जमीन पर धड़ाम से गिर पड़ा. हालांकि गनीमत रही कि लोगों के ऊपर ड्रोन नहीं गिरा.
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इस प्रयास के फेल होने को लेकर वैज्ञानिक बोले कि पब्लिक ज्यादा थी, इस वजह से नेटवर्क नहीं मिला. वहीं, बिना नेटवर्क के कारण ड्रोन जमीन पर जा गिरा.
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बादल 400 मीटर से ज्यादा ऊंचाई पर थे. इस वजह से आज आर्टिफिशियल बारिश नहीं करवाई जा सकी. हालांकि 2 महीने तक लगातार आर्टिफिशियल बारिश के प्रयास किए जाएंगे.
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पहले आर्टिफिशियल बारिश का प्रयोग पहले 31 जुलाई को होना था लेकिन उस दिन नहीं हुआ. इसके बाद आज यानी 12 अगस्त को ड्रोन से आर्टिफिशियल बारिश का प्रयोग किया गया.
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बता दें कि राजस्थान में आज तीसरी बार कृत्रिम बारिश करवाई गई. इसका उद्देश्य रामगढ़ बांध को पानी से भरना है. ये बांध साल 2005 से सूखा पड़ा है, जो जयपुर के लिए एक महत्वपूर्ण जल स्रोत माना जाता है.
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आर्टिफिशियल बारिश करवाने के लिए बादलों में सोडियम क्लोराइड जैसे रसायनों का छिड़काव किया गया. जिससे बादलों में संघनन बढ़ा और बारिश की बूंदें बनी.
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आर्टिफिशियल बारिश का इस्तेमाल ड्रोन के जरिए देश में पहली बार किया जा रहा है. इससे पहले चित्तौड़गढ़ के घोसुंडा बांध में दो बार और एक अन्य बांध में कृत्रिम बारिश का इस्तेमाल किया गया था.