Rajasthan Tourism: धौलपुर का तालाब-ए-शाही सर्दियों में प्रवासी पक्षियों का स्वर्ग बन जाता है. 1617 में शहज़ादे शाहजहां की शिकारगाह के रूप में बना यह ऐतिहासिक झील स्थल, पिंटेल और रेड क्रेस्टेड पोचार्ड जैसे सुंदर पक्षियों के आगमन से बेहद मनमोहक दिखाई देता है.
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Talab-e-Shahi Dholpur
राजस्थान के पूर्वी छोर पर स्थित धौलपुर जिले में, इतिहास और प्रकृति का एक अद्भुत संगम देखने को मिलता है- वह है 'तालाब-ए-शाही'. धौलपुर से 27 किलोमीटर और बाड़ी कस्बे से मात्र 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह झील, राजस्थान की सबसे खूबसूरत और स्वच्छ झीलों में से एक मानी जाती है.
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Talab-e-Shahi Dholpur
इस ऐतिहासिक झील का निर्माण सन् 1617 ईस्वी में मुगल शहज़ादे शाहजहां के लिए शिकारगाह (Hunting Lodge) के रूप में करवाया गया था. यह झील, अपनी शांत जलराशि और आसपास के सुंदर प्राकृतिक वातावरण के कारण मुगलों के लिए एक पसंदीदा स्थल रही होगी.
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Talab-e-Shahi Dholpur
तालाब-ए-शाही के पास ही खानपुर महल भी स्थित है, जो लाल पत्थरों से बनी एक शानदार वास्तुकला का उदाहरण है और इसकी सुंदरता को और बढ़ा देता है. यह पूरा क्षेत्र धौलपुर रियासत की समृद्ध विरासत को दर्शाता है, जो 1982 में एक अलग ज़िला बनने से पहले भरतपुर की जागीर था.
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Talab-e-Shahi Dholpur
सर्दियों के मौसम में तालाब-ए-शाही एक रोमांचक ट्रैवल स्पॉट और प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग बन जाता है. इस दौरान कई प्रकार के प्रवासी पक्षी यहां घोंसले बनाने के लिए आते हैं, जिनमें प्रमुख हैं- पिंटेल (Pintail), रैड कार्स्टेड पोच (Red Crested Pochard), बत्तख़, कबूतर
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Talab-e-Shahi Dholpur
इन पक्षियों का आगमन झील के शांत वातावरण को और भी मनमोहक बना देता है. धौलपुर की यात्रा पर जाने वाले पर्यटकों के लिए, यह झील ऐतिहासिक और प्राकृतिक सुंदरता दोनों का आनंद लेने का एक उत्कृष्ट स्थल है.