Rajasthan famous Mandir: डूंगरपुर का बेणेश्वर धाम, सोम-माही संगम पर स्थित है, जहां भक्त शिव की आराधना करते हैं. यहां का स्वयंभू शिवलिंग पांच हिस्सों में बंटा है. माघ पूर्णिमा को आदिवासी आस्था का विशाल मेला लगता है.
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बेणेश्वर धाम: डूंगरपुर
राजस्थान के डूंगरपुर ज़िले में स्थित बेणेश्वर धाम एक ऐसा पवित्र स्थल है जहां सोम, माही और जाखम नदियों का संगम होता है. इस संगम स्थल पर बना बेणेश्वर मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि यह वह स्थान है जहां भक्त भगवान शिव के प्रति अपनी भक्ति और श्रद्धा को साकार रूप देते हैं. यहां हर वर्ष हज़ारों श्रद्धालु संगम में पवित्र स्नान कर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं.
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बेणेश्वर धाम
बेणेश्वर धाम का सबसे बड़ा आकर्षण है यहां स्थित पांच फीट ऊंचा स्वयंभू शिवलिंग, जो अपने आप में अद्भुत है. यह शिवलिंग ऊपर से पांच हिस्सों में विभाजित है, जो शिव के पंचरूप का प्रतीक माना जाता है. श्रद्धालु पहले संगम में डुबकी लगाते हैं और फिर मंदिर में जाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं - ऐसा करने से मन, शरीर और आत्मा तीनों की शुद्धि मानी जाती है.
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संत मावजी की पवित्र विरासत
शिव मंदिर के पास ही स्थित है भगवान विष्णु को समर्पित एक प्राचीन मंदिर, जिसका निर्माण 1793 ईस्वी में संत मावजी की पुत्री जनककुंवरी ने करवाया था. संत मावजी को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है, और उन्होंने अपने जीवन का अधिकांश समय यहीं ईश्वर-भक्ति में बिताया.
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धार्मिक पूर्णता
उनके शिष्य अजे और वाजे ने समीप ही लक्ष्मी नारायण मंदिर का निर्माण करवाया, जो आज भी भक्तों की आस्था का केंद्र है. स्थानीय लोग इन मंदिरों को केवल धार्मिक नहीं, बल्कि संत मावजी और उनके परिवार की स्मृति के रूप में पूजते हैं. परिसर में भगवान ब्रह्मा का मंदिर भी स्थित है, जो इस धाम की धार्मिक पूर्णता को दर्शाता है.
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पवित्र स्नान
हर साल माघ शुक्ल पूर्णिमा (फरवरी) के अवसर पर बेणेश्वर धाम में विशाल धार्मिक मेला आयोजित किया जाता है. इस दौरान सोम और माही नदियों के संगम पर लाखों श्रद्धालु, विशेष रूप से आदिवासी समुदाय, पवित्र स्नान करने और भगवान की आराधना के लिए यहां पहुंचते हैं.
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धार्मिक मेला
यह मेला केवल पूजा का अवसर नहीं, बल्कि राजस्थान की धार्मिक एकता, लोक संस्कृति और सामाजिक सौहार्द का जीवंत प्रतीक है. ढोल, मांदर, पारंपरिक गीत और नृत्य इस पर्व को और भी रंगीन बना देते हैं.
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अद्भुत तीर्थस्थल
बेणेश्वर धाम सिर्फ एक मंदिर नहीं यह वो स्थान है जहां श्रद्धा, संस्कृति और संगम की आत्मा एक साथ मिलती है. यहां की शांत लहरें, शिवलिंग की दिव्यता और संत मावजी की भक्ति सब मिलकर इस धाम को एक अद्भुत तीर्थस्थल बना देते हैं.
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मंदिर
प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. Zee Rajasthan इसकी पुष्टि नहीं करता है.