Garh Ganesh Temple: राजस्थान में जयपुर का गढ़ गणेश मंदिर पूरे भारत में एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां भगवान गणेश अपनी बिना सूंड वाली बाल स्वरूप में विराजमान हैंं. इस मंदिर की मान्यता है कि भगवान गणेश के कान में अपनी मनोकामना बोलने से बहुत जल्द पूरी हो जाती हैं. यह मंदिर अपनी भव्यता इतिहास और रहस्यों के लिए प्रसिद्ध हैं.
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गढ़ गणेश का यह प्रसिद्ध मंदिर महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय ने कराया था. जो राजस्थान के प्रसिद्ध मंदिर में से एक हैं, जो बिना सूड़ वाले भगवान गणेश को समर्पित है.
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कहा जाता है कि यह बाल गणेश की यह अनोखी मूर्ति महाराजा सवाई जयसिंह ने अपने अश्वमेघ यज्ञ के बाद स्थापित करवाई थीं और भगवान गणेश के आशीर्वाद से ही जयपुर शहर की स्थापना हुई थीं
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यह मंदिर अरावली पहाड़ी की चोटी पर स्थित है, जहां तक पहुंचने के लिए काफी सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है. हिन्दू धर्म में बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित होने के कारण यहां पर पूजा अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं.
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हिन्दू धर्म में बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित होने के कारण यहां पर पूजा अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं. इस मंदिर की मान्यता है कि भगवान गणेश के कान में अपनी मनोकामना बोलने से बहुत जल्द पूरी हो जाती हैं
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मंदिर में गणेश चतुर्थी के दिन गणेशजी की विषेश पूजा अर्चना का आयोजन किया जाता है, जहां पर श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में भीड़ होती हैं
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यह मंदिर अरावली की ऊंची पहाड़ियों पर स्थित होने के कारण यहां से शहर का नजारा देखने में काफी आकर्षक होता हैं और यहां का माहौल काफी शांत और सुकून भरा हैं
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गण वाले गणेश मंदिर से स्थानीय लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है, जहां पर लोग भगवान गणेश के दर्शन कर आशीर्वाद लेने आते हैं.
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यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं Zee Rajasthan इसकी पुष्टि नहीं करता है.