Diwali 2025: थेवा कला प्रतापगढ़ की एक नायाब कला है, जहां कांच पर सोने की बारीक कारीगरी होती है. 'राजसोनी' परिवार द्वारा संरक्षित यह कला, सोने के कम उपयोग के कारण कम कीमत में शाही ज्वेलरी देती है.
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थेवा कला
राजस्थान जो अपनी कला और कारीगरी के लिए विश्वभर में विख्यात है, वहीं प्रतापगढ़ जिले में एक ऐसी नायाब कला छिपी है, जिसकी चमक और सादगी दोनों ही अद्भुत है- यह है थेवा कला. इस कला में कांच पर सोने की महीन कारीगरी की जाती है, जो इसे भारतीय आभूषणों की दुनिया में एक अनोखा स्थान दिलाती है.
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कीमत मात्र हजारों रुपये में
थेवा कला से तैयार की गई ज्वेलरी देखने में भले ही शाही और भारी-भरकम लगती हो, लेकिन इसकी वास्तविक कीमत बहुत कम होती है. ऐसा इसलिए है क्योंकि इसे बनाने में सोने का उपयोग बहुत कम मात्रा में होता है, जिससे ये आभूषण साधारण ग्राहकों की पहुंच में होते हैं, और इसकी कीमत मात्र हजारों रुपये में होती है.
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राजसोनी परिवार की विरासत
इस विशेष कला को दुनिया तक पहुंचाने और सदियों से सहेजने का श्रेय 'राजसोनी' परिवार के कलाकारों को जाता है. यह परिवार लगभग 250-300 साल पहले अपने पूर्वजों द्वारा शुरू की गई इस खास विरासत को आज भी जिंदा रखे हुए है.
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कला की अद्भुत प्रक्रिया
'थेवा कला' की प्रक्रिया अत्यंत जटिल और कुशल हाथों का काम है. आइए जानते हैं इसे बनाने की प्रक्रिया के बारे में-
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थारणा (सोने की जाली)
सबसे पहले, कलाकार विभिन्न रंगों के शीशों (कांच) पर सोने की बारीक शीट लगाकर उस पर छोटे-छोटे औजारों की मदद से एक महीन जाली बनाते हैं. इस चरण को स्थानीय भाषा में 'थारणा' कहा जाता है.
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वाडा (चांदी का फ्रेम)
दूसरे चरण में कांच और सोने की कलाकृति को मजबूती से कसने के लिए चांदी के महीन तारों का उपयोग करके एक फ्रेम बनाया जाता है, जिसे 'वाडा' कहा जाता है.
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तपाना और उभारना
अंत में इस पूरी आकृति को तेज आग में तपाया जाता है. ताप के प्रभाव से शीशे पर सोने की कलाकृति और डिजाइन स्थायी रूप से उभर कर एक नायाब, खूबसूरत आकृति का रूप ले लेती है. इन दोनों चरणों, 'थारणा' (थे) और 'वाडा' (वा) के शब्दों से मिलकर ही इस कला का नाम 'थेवा' पड़ा है.
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लोकप्रियता
शुरुआत में यह काम केवल लाल, नीले और हरे रंग के मूल्यवान पत्थरों (हीरा, पन्ना आदि) पर होता था, लेकिन अब यह पीला, गुलाबी और काला सहित विभिन्न रंगों के कांच के रत्नों पर भी किया जाने लगा है, जिससे इसकी पहुंच और लोकप्रियता दोनों बढ़ी हैं.