Rajasthan News: नए साल से राजस्थान में जनगणना-2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं. 1 जनवरी से सभी प्रशासनिक सीमाएं फ्रीज कर दी गई हैं. जनगणना कार्य पूरा होने तक कोई नई प्रशासनिक यूनिट नहीं बनाई जा सकेगी और मौजूदा सीमाओं में बदलाव पर पूरी रोक रहेगी.
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सीमाओं में बदलाव पर पाबंदी
जनगणना पूरी होने तक जिला, उपखंड, तहसील, गांव, शहरी निकाय और वार्ड की सीमाओं में कोई फेरबदल नहीं होगा. नए जिले, उपखंड, तहसील, गांव या वार्ड बनाने पर सख्त पाबंदी लगा दी गई है. सभी प्रशासनिक यूनिट 31 दिसंबर 2025 की स्थिति में ही रहेंगी.
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नहीं होगा कोई फेरबदल
गृह मंत्रालय ने पहले 31 दिसंबर तक नई यूनिट बनाने की छूट दी थी, लेकिन अब 2027 में जनगणना पूरी होने तक रोक प्रभावी हो गई है. क्षेत्रीय जनगणना निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक ने बताया कि जनगणना की सटीकता के लिए यह जरूरी है. हर गांव-ढाणी और बसावट की लिस्ट फाइनल कर ली गई है और नामों की स्पेलिंग तक जांच ली गई है.
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जनगणना कर्मियों के ट्रांसफर पर रोक
नए साल से जनगणना से जुड़े लाखों अधिकारियों-कर्मचारियों के ट्रांसफर पर भी अगले सवा साल तक रोक लगा दी गई है. कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, शहरी निकाय आयुक्त, प्रगणक के रूप में लगे शिक्षक, पटवारी और ग्राम सचिव इस दायरे में आएंगे. ट्रांसफर केवल असाधारण परिस्थितियों में ही संभव होगा. उपखंड अधिकारी, तहसीलदार और शहरी निकाय आयुक्तों को जनगणना अधिकारी घोषित किया गया है.
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2 लाख से ज्यादा कर्मचारी तैनात
जनगणना में करीब 2 लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारी ड्यूटी पर लगाए जाएंगे. इसमें 1.60 लाख प्रगणक और 30-40 हजार सुपरवाइजर व अन्य अधिकारी शामिल होंगे.
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हो जाएगी ट्रेनिंग शुरू
फरवरी से इन कर्मियों की ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी. जनगणना दो फेज में होगी – पहले फेज में मई-जून तक मकान लिस्टिंग और दूसरे फेज में व्यक्तियों की जानकारी व जातिगत जनगणना होगी.
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जनगणना की सटीकता के लिए जरूरी कदम
क्षेत्रीय जनगणना निदेशक ने कहा कि प्रशासनिक सीमाएं फ्रीज करना पुराना प्रावधान है. इससे जनगणना की एक्यूरेसी बनी रहती है. हर जिले की जनगणना हैंडबुक तैयार की गई है.
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गृह मंत्रालय अधिसूचना
रोक हटने पर गृह मंत्रालय अधिसूचना जारी करेगा. इस बार जातिगत जनगणना भी शामिल है, इसलिए तैयारी और सख्ती से की जा रही है.