Rajasthan Government Project: राजस्थान के नागौर के चौसल में देश का पहला हाई स्पीड ट्रेन ट्रायल ट्रैक बनाया जा रहा है, जिसका काम तेजी से चल रहा है. इससे लोगों को सफर आसान हो जाएगा.
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first high speed train trial track in Chausla of Nagaur
राजस्थान के नागौर के चौसला में देश का पहला हाई स्पीड ट्रेन ट्रायल ट्रैक तरह तैयार होगा, जो साल 2026 में पूरा किया जाएगा. इसकी लागत 820 करोड़ होगी और यह 63.5 किमी लंबा ट्रैक होगा.
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यह ट्रैक भारत को दुनिया के उन चुनिंदा चार देशों (अमेरिका, चीन, जापान) के साथ खड़ा कर देगा, जिनके पास अपना हाई-स्पीड टेस्टिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर है. विश्व विख्यात सांभर झील इलाके में हाई स्पीड ट्रेन ट्रायल ट्रैक बनाने का काम दिन रात चल रहा है.
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साल 2019 में यह प्रोजेक्ट शुरू हुआ, जो अब तक 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है. मार्च साल 2026 तक ट्रायल ट्रैक बनकर तैयार होगा. इस ट्रैक पर 220 से 230 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ेगी. उनकी गति, स्थिरता और संरचना का परीक्षण किया जाएगा.
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स्पीड के साथ रेग्युलर, गुड्स वैगन, ब्रेकिंग सिस्टम, लोकोमेटिव, कोच, सिग्नलिंग, व्हील ऑफलोडिंग और रेलवे की ओर से विकसित की जाने वाली नई तकनीकी का परीक्षण किया जाएगा.
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रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यहां हाईस्पीड, सेमी हाईस्पीड और मेट्रो ट्रेन के ट्रायल किए जाएंगे. गुढासाल्ट से बवली गुढ़ा तक ट्रैक पर 18 घुमाव हैं, जिससे स्पीड में आ रही ट्रेन घुमावदार ट्रैक पर बिना स्पीड कम किए कैसे जाएगी इसका टेस्ट किया जाएगा.
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इसके अलावा ट्रैक पर कई जगह लूपलाइन और कर्व लाइन भी बनाई गई हैं, जिससे क्रॉसिंग पार करने या विपरीत दिशाओं से आ रही दो ट्रेनें बिना किसी रुकावट के जा सकें.
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बताया जा रहा है कि पूरे ट्रैक पर पटरियां बिछ चुकी है और अब मशीन से इनका लेवल ठीक किया जा रहा है. साल 2026 में इस पर ट्रायल शुरू किया जाएगा. अभी ट्रैक पर विद्युतीकरण नहीं हुआ है. वहीं, चार स्टेशनों में गुढ़ासाल्ट, जाब्दीनगर, नावां स्टेशन का काम लगभग पूरा हो चुका है.वहीं, ठठाना मिठड़ी स्टेशन और विश्व स्तरीय आधुनिक लैब का काम तेजी से किया जा रहा है. ट्रैक के लिए अलग से सब स्टेशन का काम हो रहा है. (ये फोटोज AI से बनाई गई हैं.)