महार कला गांव अपनी समृद्ध कला, संस्कृति और प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है. 17वीं शताब्दी में स्थापित यह गांव ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का खजाना है, जहां काली माता और मालेश्वर धाम के प्राचीन मंदिर, संत सालगनाथजी का पवित्र स्थल और राजपूत-मुगल शैली की अनूठी कब्रें मौजूद हैं. यह गांव न केवल अपनी धार्मिक और स्थापत्य विरासत के लिए जाना जाता है, बल्कि 1990 के दशक में बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्मों 'करण अर्जुन' और 'बटवारा' के कई दृश्यों के फिल्मांकन के लिए भी चर्चित रहा, जिसमें सलमान खान और शाहरुख खान जैसे सितारों ने अभिनय किया था.
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फिल्म 'करण अर्जुन' की शूटिंग मुख्य रूप से राजस्थान में हुई थी, जहां अलवर जिले के भानगढ़ गांव को फिल्म का केंद्रीय ग्रामीण परिवेश दिखाया गया. इसके अलावा, फिल्म के गाने और दृश्यों के लिए अजमेर के पास पुष्कर का दुर्गा मंदिर, सरिस्का पैलेस, रूपरेल नदी का पुराना पुल और नाटनी का बारा जैसे स्थान इस्तेमाल किए गए. वहीं, 'बटवारा' फिल्म की शूटिंग भी राजस्थान के विभिन्न लोकेशन्स पर हुई, जिसमें जयपुर के समोद पैलेस, महार कला गांव, त्रिवेणी के रेगिस्तान और रणावास क्षेत्र शामिल थे. स्टूडियो शूट्स फिल्मिस्तान स्टूडियोज और फिल्मसिटी में किए गए.
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अरावली की पहाड़ियों से घिरा, शहर से लगभग 65 किलोमीटर दूर स्थित महार कला गांव अपनी समृद्ध कला, संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है. 17वीं शताब्दी में आमेर के राजा चंद्रसेन के युवराज कुंभाजी के पुत्र उदयकरणजी द्वारा स्थापित इस गांव में राजपूत-मुगल वास्तुकला की शानदार कब्रें हैं, जो शाही परिवार की गौरवशाली विरासत को दर्शाती हैं. गांव की पहाड़ी तलहटी में संत सालगनाथजी का पवित्र स्थल है, जहां वे गांव के बसने से पहले विराजमान थे. यहां काली माता का प्राचीन मंदिर भी है, जहां दर्शन करने से असाध्य रोगों से मुक्ति और परिवार में सुख-समृद्धि की मान्यता है. इसके साथ ही मालेश्वर धाम का प्रसिद्ध मंदिर भी इस गांव की आध्यात्मिकता को बढ़ाता है. बरसात के मौसम में अरावली की हरियाली और झरनों से सजा यह गांव अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ और भी मनमोहक हो जाता है.
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महार कला गांव 1990 के दशक में बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्मों के लिए भी चर्चा में रहा, जहां सलमान खान और शाहरुख खान अभिनीत फिल्म 'करण अर्जुन' की शूटिंग हुई थी. इस गांव की प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि ने फिल्म के कई दृश्यों को जीवंत और वास्तविक बनाया. इसके अलावा, इस गांव में एक और प्रसिद्ध फिल्म 'बटवारा' के दृश्य भी फिल्माए गए, जिसने इसकी सांस्कृतिक और दृश्यात्मक समृद्धि को बड़े पर्दे पर उभारा.
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महार कला गांव में फिल्म 'करण अर्जुन' के कई यादगार दृश्यों की शूटिंग हुई, और आज भी वहां की हवेली, बरगद का पेड़, कुआं, दुकानें और पुराने मकान उसी रूप में मौजूद हैं, जो फिल्म में दिखाए गए थे. शाहरुख खान द्वारा दुर्जन सिंह को मारने वाला प्रतिष्ठित दृश्य इसी गांव में फिल्माया गया था, और वह स्थान आज भी वैसा ही संरक्षित है. इसके अलावा, करण और अर्जुन की सूरज सिंह व शमशेर सिंह के बीच की रोमांचक लड़ाई का दृश्य भी यहीं शूट किया गया था, जहां वह ऐतिहासिक बरगद का पेड़ आज भी खड़ा है, जो इस गांव की सिनेमाई विरासत को जीवंत रखता है.
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महार कला गांव में फिल्म 'करण अर्जुन' के कई यादगार दृश्यों की शूटिंग हुई, और आज भी वहां की हवेली, बरगद का पेड़, कुआं, दुकानें और पुराने मकान उसी रूप में मौजूद हैं, जो फिल्म में दिखाए गए थे. शाहरुख खान द्वारा दुर्जन सिंह को मारने वाला प्रतिष्ठित दृश्य इसी गांव में फिल्माया गया था, और वह स्थान आज भी वैसा ही संरक्षित है. इसके अलावा, करण और अर्जुन की सूरज सिंह व शमशेर सिंह के बीच की रोमांचक लड़ाई का दृश्य भी यहीं शूट किया गया था, जहां वह ऐतिहासिक बरगद का पेड़ आज भी खड़ा है, जो इस गांव की सिनेमाई विरासत को जीवंत रखता है.
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महार कला गांव, जहां 1995 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'करण अर्जुन' की शूटिंग हुई, आज भी अपनी सिनेमाई और सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए है. स्थानीय निवासी नीलकंठ प्रजापत के अनुसार, इस गांव में ठाकुर दुर्जन सिंह (अमरीश पुरी) की हवेली, गांव के खाली होने का दृश्य, कुएं पर लोगों के लेटने का दृश्य और क्लाइमेक्स के रोमांचक फाइटिंग सीन फिल्माए गए थे. गांव में मौजूद तीन बरगद के पेड़ उस स्थान को चिह्नित करते हैं, जहां ठाकुर दुर्जन सिंह खड़े थे, और उनके आदेश पर गांव खाली होने का दृश्य भी यहीं शूट हुआ. क्लाइमेक्स में ठाकुर दुर्जन सिंह को मारने और दुर्गा द्वारा उन पर हार फेंकने का दृश्य भी इसी गांव के आसपास फिल्माया गया. फिल्म में दिखाए गए पुराने घर आज भी लगभग उसी रूप में हैं, जहां लोग अब भी रहते हैं, और महार कला का किला, हालांकि अब जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है, फिर भी मौजूद है. मुख्य रास्तों पर अब पक्की सड़कें बन चुकी हैं, लेकिन अरावली की पहाड़ियों के बीच बसे इस गांव का प्राकृतिक सौंदर्य आज भी उतना ही मनमोहक है, जितना फिल्म में दिखाया गया था.