Govardhan Pooja: राजस्थान के जिलों में दीपावली के बाद गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव धूमधाम से मनाया गया. घरों और मंदिरों में गोबर से गोवर्धन बनाकर पूजा की गई, अन्नकूट प्रसाद वितरित हुआ और सुख-समृद्धि की कामना की गई.
1/7
Annakoot Mahotsav
दौसा जिले में बड़े स्तर पर गिरिराज धरण मंदिर में अन्नकूट का आयोजन हुआ. बाजरा, कड़ी, खीर, चावल, भुजिया, पुए और हरी सब्जियों का भोग ठाकुर जी को अर्पित किया गया. हजारों श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से अन्नकूट प्रसादी ग्रहण की. शाम को 21 फीट ऊंचे गोवर्धन जी की पूजा विधिपूर्वक की गई.
2/7
Annakoot Mahotsav
झालावाड़ जिले के डग क्षेत्र में भी श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित गोवर्धन पूजा में हिस्सा लिया. जिले भर में दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. घरों और मंदिरों में महिलाएं सुबह से ही पूजा की तैयारियों में व्यस्त रहीं. उन्होंने गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत की प्रतिमा बनाकर फूलों और रंगों से सजाया. पूजा के दौरान परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई.
3/7
Annakoot Mahotsav
शाहपुरा शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाएं घर के आंगन में गोबर से गोवर्धन बनाकर विधिपूर्वक पूजा कर रही थीं. पूजा में अन्नकूट का भोग लगाया गया, जिसमें दूध, दही, शहद, गंगाजल और बताशे शामिल थे. पंडित राधेश्याम शर्मा के अनुसार, भगवान गोवर्धन को लेटे हुए पुरुष के रूप में बनाया जाता है और उनकी नाभि में दीपक रखा जाता है. प्रसाद बाद में सभी में वितरित किया गया.
4/7
Annakoot Mahotsav
अजमेर जिले के नसीराबाद में भी महाप्रसाद के लिए अन्नकूट बनाया गया. महामंडलेश्वर रमाकांत दास महाराज ने अपने हाथों से अन्नकूट तैयार किया. रामपुरा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचे. समिति अध्यक्ष चतरसिंह राठौड़ ने बताया कि अन्नकूट महोत्सव में भक्तों ने विधिपूर्वक भगवान की पूजा अर्चना की.
5/7
Annakoot Mahotsav
बारां जिले में भी इस पर्व का उत्सव धूमधाम से मनाया गया. शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में गोबर से बने गोवर्धन भगवान की पूजा की गई और परिवार की सुख-शांति की कामना की गई. इस दिन भगवान कृष्ण की दिव्य शक्ति और उनके द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा करने की कथा का स्मरण किया गया.
6/7
Annakoot Mahotsav
जयपुर में गोविंददेवजी मंदिर में भी अन्नकूट महोत्सव आयोजित किया गया. ठाकुरजी को 350 किलो सामग्री से बने भोग अर्पित किए गए. महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में पूजा-अर्चना और महाआरती हुई. भक्तों ने भगवान गोवर्धन की परिक्रमा कर घर-परिवार की खुशहाली की कामना की.
7/7
Annakoot Mahotsav
तिंवरी, जोधपुर के गांवों में भी पूजा का उल्लास देखा गया. महिलाओं ने घरों के बाहर गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर विधिवत पूजा की. पूरे जिले में यह पर्व प्रकृति, पर्यावरण और गायों के प्रति सम्मान का संदेश देता है.