Shahjahan: भारत पर मुगलों का शसान लगभग 331 साल का रहा है. जिसमें पांचवे नंबर का राजा शाहजहां बना था. शाहजहां अपने कार्यकाल में कई तरह की नायाब इमारतों को बनवाने के लिए जाना जाता है. लेकिन इन्हीं के साथ कई मुगलों के कई ऐसे राज भी हैं, जोकि हम सभी को सोचने पर मजबूर कर देते हैं.
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भारत का इतिहास
भारत के इतिहास में कई महान शासकों ने अपनी अमिट छाप छोड़ी है. इनमें चौहान, चोल, तुगलक और मुगल जैसे बड़े राजवंशों का नाम लिया जाता है. यदि हम मुगलों की बात करें तो भारत में इस वंश की शुरुआत 1526 में हुई, जब बाबर ने दिल्ली पर कब्जा किया. मुगलों का शासन 1857 की क्रांति तक चला.
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शाहजहां
इन्हीं मुगलों में एक शासक थे शाहजहां, जिनका नाम नायाब इमारतों के निर्माण के लिए हमेशा याद किया जाता है. उन्होंने विश्व प्रसिद्ध ताजमहल का निर्माण कराया, जो आज प्रेम का प्रतीक माना जाता है. इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली का लाल किला, आगरा का किला और कई सुंदर इमारतें भी बनवाईं, जो आज भी उनकी शान और स्थापत्य कला का बेजोड़ उदाहरण हैं.
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बेगम की याद में बनवाया ताजमहल
इतिहासकारों का मानना है कि शाहजहां अपनी पत्नी मुमताज महल से बेहद मोहब्बत करते थे. कहते हैं कि मुमताज की असमय मृत्यु ने शाहजहां को तोड़ कर रख दिया. इसी गहरे दुख के बाद उन्होंने आगरा में ताजमहल बनवाया, जिसे उन्होंने अपनी बेगम की याद में अमर कर दिया.
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अजमेर शरीफ दरगाह
इतिहास से यह भी पता चलता है कि शाहजहां और मुमताज अक्सर अजमेर शरीफ दरगाह जाया करते थे. माना जाता है कि वे वहां मन्नत मांगने और अपनी दुआ पूरी होने की आशा लेकर आते थे. यह पहलू भी उनके जीवन के धार्मिक और आध्यात्मिक झुकाव को दर्शाता है.
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अपनी बेटी जहांआरा से किया निकाह
लेकिन इनके जीवन से जुड़ी कुछ बातें विवादित भी हैं. कई इतिहासकारों का दावा है कि मुमताज की मौत के बाद शाहजहां ने अपनी ही बेटी जहांआरा बेगम से निकाह कर लिया था. कहा जाता है कि मां की मृत्यु के बाद जहांआरा पिता की स्थिति देखकर दुखी थी, और इसलिए उसने इस रिश्ते का विरोध नहीं किया.
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हमेशा पर्दे में रखा था
इतिहासकार यह भी लिखते हैं कि शाहजहां ने जहांआरा को हमेशा पर्दे में रखा. यहां तक कि उसकी सुरक्षा के लिए पुरुष सैनिकों की जगह औरतों और किन्नरों को लगाया गया. हालांकि कुछ विद्वानों का मानना है कि बाप-बेटी के संबंधों को देखकर कई लोगों ने जानबूझकर कहानियां गढ़ी और अफवाहें फैलाईं.
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