Barmer Rescue: बाड़मेर के दासुरिया गांव में मूसलाधार बारिश के बीच भारतीय सेना और SDRF ने बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. 7-8 सितंबर को रैप्टर ब्रिगेड की टीम ने महिलाओं व बच्चों सहित 21 ग्रामीणों को सुरक्षित बचाया. ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण हालात में सफल रहा.
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बाड़मेर में सेना का रेस्क्यू
बाड़मेर जिले के दासुरिया गांव में बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए. पानी भरने से कई ग्रामीण गांव में ही फंस गए. इसी बीच भारतीय सेना ने मानवीयता का परिचय देते हुए एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और 21 ग्रामीणों की जान बचाई.
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7 और 8 सितंबर को चला ऑपरेशन
यह रेस्क्यू ऑपरेशन 7 और 8 सितंबर को अंजाम दिया गया. इनमें महिलाओं और बच्चों सहित 21 ग्रामीण शामिल थे, जो लगातार बढ़ते पानी के बीच घिर गए थे. ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने के लिए सेना की रैप्टर ब्रिगेड की एक इन्फेंट्री बटालियन की क्विक रिएक्शन टीम तुरंत सक्रिय हुई.
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चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच सेना का पराक्रम
प्रतिकूल मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने हार नहीं मानी. तेज बारिश, फिसलन और लगातार बहते पानी के बीच उन्होंने ग्रामीणों तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला. इस दौरान रैप्टर ब्रिगेड की आर्म्ड रेजीमेंट ने भी अहम भूमिका निभाई और रेस्क्यू ऑपरेशन को सफल बनाया.
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SDRF की टीम ने भी दिया साथ
रेस्क्यू अभियान अकेले सेना ने नहीं, बल्कि SDRF राजस्थान के सहयोग और समन्वय से मिलकर पूरा किया गया. दोनों टीमों ने मिलकर पूरी रणनीति बनाई और ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया.
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लेफ्टिनेंट कर्नल निखिल धवन ने बताया
इस बारे में जानकारी देते हुए लेफ्टिनेंट कर्नल निखिल धवन, जनसंपर्क अधिकारी (रक्षा) ने बताया कि ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन टीमवर्क और हिम्मत के दम पर इसे सफल बनाया गया.
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ग्रामीणों ने सेना और SDRF की तारीफ की
दासुरिया गांव के लोग भी इस रेस्क्यू को हमेशा याद रखेंगे. ग्रामीणों ने कहा कि अगर सेना और SDRF समय पर मदद के लिए न पहुंचते, तो हालात और भी गंभीर हो सकते थे.
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सेना ने दिखाया लोहा
यह ऑपरेशन साबित करता है कि भारतीय सेना न केवल सीमाओं पर देश की रक्षा करती है, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं और संकट की घड़ी में आम लोगों की सुरक्षा में भी हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़ी रहती है.