Jaisalmer Tourist Places: जैसलमेर का नाइट स्टे अनुभव हर पर्यटक के लिए जादुई है. टेंट में ठहरना, खुले आसमान तले तारों को निहारते हुए नींद लेना और रेगिस्तान की ठंडी हवाओं का आनंद लेना यात्रियों को जीवनभर याद रहने वाला रोमांचक अहसास देता है.
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थार की सुनहरी नगरी
राजस्थान का नाम लेते ही आंखों के सामने रेगिस्तान की सुनहरी रेत और राजसी विरासत की तस्वीर उभर आती है. इन्हीं में सबसे खास है जैसलमेर, जिसे “सोनार किला” और “गोल्डन सिटी” के नाम से जाना जाता है. यह शहर न केवल अपनी ऐतिहासिक धरोहर के लिए मशहूर है बल्कि यहां की संस्कृति, हवेलियां और रेगिस्तानी जीवनशैली पर्यटकों को अनोखा अनुभव कराती है.
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सोनार किला (जैसलमेर फोर्ट)
जैसलमेर की पहचान है 12वीं शताब्दी में बना सोनार किला. पीले पत्थरों से बने इस किले की दीवारें सूरज की किरणों में सोने सी चमकती हैं. यह दुनिया के कुछ चुनिंदा “लिविंग फोर्ट्स” में से एक है जहां आज भी लोग रहते हैं. किले के अंदर मंदिर, हवेलियाँ और संकरी गलियां घूमने वालों को एक अलग ही दुनिया में ले जाती हैं.
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पटवों की हवेली
जैसलमेर अपनी शानदार हवेलियों के लिए भी जाना जाता है. पटवों की हवेली अपनी बारीक नक्काशी और भव्यता के लिए मशहूर है. वहीं नथमल की हवेली का स्थापत्य देखकर कोई भी दंग रह जाता है. ये हवेलियां राजस्थान की कला और शिल्पकला का अनोखा उदाहरण हैं.
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गदीसर झील
शहर के बीच स्थित गदीसर झील शांति और सौंदर्य का अद्भुत संगम है. यहां शाम के समय सूरज ढलते हुए झील के पानी में सोने जैसा रंग घोल देता है. नाव की सवारी और झील किनारे बने मंदिर इस जगह को और भी खास बना देते हैं.
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सम और खुरी के टिब्बे
अगर जैसलमेर आए और रेगिस्तान सफारी का आनंद न लिया तो यात्रा अधूरी मानी जाती है. सम और खुरी के टिब्बों पर ऊंट की सवारी, सांझ के समय लोकनृत्य और तारे भरा आसमान पर्यटकों को जीवनभर की यादें दे देता है.
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कुलधरा गांव
जैसलमेर के पास स्थित कुलधरा गांव अपनी रहस्यमयी कहानियों के लिए प्रसिद्ध है. कहा जाता है कि यह गांव अचानक एक रात खाली हो गया था. आज यह पर्यटकों के लिए रोमांच और जिज्ञासा का केंद्र है.