Jajori River Protest: राजस्थान की जोजरी नदी, लूनी की सबसे लंबी सहायक, आज औद्योगिक व घरेलू कचरे से बुरी तरह प्रदूषित है. इसे बचाने के लिए डोली में “जोजरी बचाओ आंदोलन” चल रहा है. 17 अगस्त को महारैली होगी, जिसमें RLP नेता हनुमान बेनीवाल भी शामिल होंगे.
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जीवनदायिनी नदियां
राजस्थान की धरती पर कई नदियां जीवनदायिनी मानी जाती हैं. इन्हीं में से एक है जोजरी नदी (जिसे जाजोरी नदी भी कहा जाता है). यह नागौर जिले के पुन्दलू गांव की पहाड़ियों से निकलकर जोधपुर से गुजरती हुई दक्षिण-पश्चिम में बालोतरा तक पहुंचती है और अंत में मजल धूधाड़ा के पास लूनी नदी में मिल जाती है. खास बात यह है कि जोजरी, लूनी नदी की सबसे लंबी सहायक नदी है.
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नदी के प्रदूषण के कारण
जोजरी नदी की मौजूदा स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है. कभी जीवनदायिनी मानी जाने वाली यह नदी आज प्रदूषण और गंदगी की मार झेल रही है. जोधपुर, पाली और बालोतरा की फैक्ट्रियों से निकलने वाले जहरीले रसायन और भारी धातुएं सीधे नदी में छोड़ी जाती हैं. आसपास की बस्तियों का प्लास्टिक और घरेलू कचरा भी इसमें डाला जाता है. वहीं खेतों से बहकर आने वाले कीटनाशक और रासायनिक उर्वरक पानी को और दूषित कर रहे हैं. इसके अलावा शहरी क्षेत्रों का सीवेज बिना किसी उपचार के नदी में मिल जाने से स्थिति और बिगड़ गई है.
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समाधान की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो जोजरी नदी पूरी तरह मर सकती है. इसके समाधान के लिए कचरा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत बनाना जरूरी है ताकि घरेलू अपशिष्ट सीधे नदी में न पहुंचे. औद्योगिक इकाइयों के कचरे का उपचार अनिवार्य किया जाना चाहिए, ताकि जहरीले रसायन नदी में न बहें. साथ ही लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी है कि वे नदी में कचरा न डालें. सबसे अहम है कड़े कानून और नियमों का लागू होना और उनका सख्ती से पालन करवाना, तभी इस नदी को बचाया जा सकेगा.
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"जोजरी बचाओ आंदोलन"
नदी को बचाने की इस जंग में अब स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन भी उतर चुके हैं. बालोतरा जिले के डोली में जोजरी बचाओ आंदोलन शुरू किया गया है, जो अब तेज होता जा रहा है. इस आंदोलन का लक्ष्य है औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले जहरीले पानी को जोजरी नदी में जाने से रोकना. आंदोलन के तहत 11 अगस्त 2025 से डोली टोल पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया. इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के कार्यकर्ता शामिल हैं.
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रैली के लिए किए जा चुके हैं गिरफ्तार
धरने के बीच 12 अगस्त की रात को आंदोलन के प्रमुख नेता थानसिंह डोली को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, लेकिन RLP सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के हस्तक्षेप और DGP से बातचीत के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया. रिहाई के बाद जब थानसिंह धरना स्थल पहुंचे तो कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया.
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महारैली की तैयारी
आंदोलन को और मज़बूती देने के लिए 17 अगस्त 2025 को डोली में "जोजरी बचाओ महारैली" आयोजित की जाएगी. पहले यह रैली 14 अगस्त को प्रस्तावित थी, लेकिन स्वतंत्रता दिवस और जन्माष्टमी के कारण प्रशासन ने इसे 17 और 18 अगस्त को आयोजित करने की अनुमति दी. इस रैली में हनुमान बेनीवाल खुद मौजूद रहेंगे और आंदोलनकारियों का समर्थन करेंगे.
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एक समय थी जीवन धारा
जोजरी नदी कभी राजस्थान के मरुस्थल में जीवन की धारा थी, लेकिन आज यह प्रदूषण की मार झेल रही है. इस नदी का अस्तित्व केवल पर्यावरण ही नहीं, बल्कि स्थानीय जीवन और भविष्य से भी जुड़ा है. अब यह देखना होगा कि सरकार, उद्योग और समाज मिलकर इस नदी को बचाने के लिए कितनी गंभीरता दिखाते हैं.