Jaipur News: जयपुर में कई शराब दुकानें बार की तरह चल रही हैं. ग्राहक दुकानों के अंदर बैठकर खुलेआम शराब पी रहे हैं. यह आबकारी विभाग के नियमों का खुला उल्लंघन है. बिना लाइसेंस शराब पिलाने से सरकार को करोड़ों का राजस्व नुकसान हो रहा है. कार्रवाई अब भी लंबित है.
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Jaipur Wines Shop
राजस्थान में शराब की बिक्री सिर्फ लाइसेंसी दुकानों से की जाती है, जबकि ग्राहकों को बैठाकर शराब परोसने का काम होटल बारों में होता है. लेकिन अब हालात कुछ और ही कहानी कह रहे हैं. जयपुर में कई शराब दुकानें अब "टू इन वन" मॉडल पर चल रही हैं. यानी न सिर्फ शराब बेचना, बल्कि वहीं बैठाकर पिलाना भी. यह स्पष्ट रूप से आबकारी नियमों की अवहेलना है. सवाल यह है कि आखिर आबकारी विभाग कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा?
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28 अक्टूबर 2025 की शाम 6:40 बजे ज़ी मीडिया की टीम अजमेर रोड स्थित सोडाला की मित्तल कॉलोनी में पहुंची, जहां वार्ड 45 और 46 में लाइसेंसी मुंशी खान की शराब की दुकान संचालित है. रिपोर्टर ने यहां शराब खरीदी और जब बैठने की व्यवस्था के बारे में पूछा तो सेल्समैन ने सहजता से कहा, “साइड से अंदर जाइए.” टीम जब अंदर पहुंची तो दृश्य हैरान कर देने वाला था. दर्जनभर लोग खुलेआम शराब पीते दिखे, जबकि चारों ओर खाली बोतलें और कार्टन बिखरे पड़े थे. यह साफ इशारा था कि यहां रोजाना ग्राहकों को बैठाकर शराब परोसी जाती है.
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28 अक्टूबर 2025 की शाम 7:25 बजे ज़ी मीडिया की टीम पानीपेच तिराहे पर स्थित जय मां करणी वाइंस पहुंची, जो भवानी सिंह के नाम से लाइसेंस प्राप्त है. टीम ने वहां एक क्वार्टर खरीदा और जब रिपोर्टर ने सेल्समैन से पूछा कि क्या अंदर बैठकर पी सकते हैं, तो उसने सहजता से कहा कि “अंदर जाओ.” दुकान के पिछले हिस्से में पहुंचते ही टीम ने देखा कि एक बड़े हॉल में करीब 15 लोग ड्रमनुमा स्टूल पर बैठकर आराम से शराब पी रहे थे. पूरा नजारा टीम ने अपने कैमरे में कैद कर लिया.
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29 अक्टूबर 2025 की शाम 6:35 बजे ज़ी मीडिया की टीम टोंक रोड स्थित लालकोठी पहुंची, जहां लाइसेंसी दीपक शर्मा बागड़ा की शराब दुकान के पिछले हिस्से में करीब 60 फीट लंबा और 20 फीट चौड़ा बारनुमा हॉल बना हुआ मिला. इस हॉल में 50 से अधिक लोग खुलेआम शराब पीते नजर आए. अंदर का माहौल इतना धुएं और शराब की गंध से भरा था कि कुछ मिनट भी वहां रुकना मुश्किल हो गया.
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29 अक्टूबर 2025 की शाम 7:08 बजे ज़ी मीडिया की टीम गोविंद मार्ग स्थित बर्फखाने के पास पहुंची, जहां कुसुम भंडारी और सरिता राजवंशी के नाम से संचालित शराब की दुकान बेसमेंट में चल रही थी. दुकान के अंदर एक तरफ शराब बिक्री का काउंटर था, जबकि दूसरी तरफ ग्राहकों के बैठकर शराब पीने की पूरी व्यवस्था की गई थी. टीम के पहुंचने पर वहां 10 से 15 लोग खुलेआम शराब पीते हुए नजर आए, जिससे साफ जाहिर होता है कि यह जगह बिक्री केंद्र कम और बार ज्यादा बन चुकी है.
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29 अक्टूबर 2025 की शाम 7:19 बजे, गोविंद मार्ग स्थित जनता कॉलोनी में लाइसेंसी रेखा शर्मा की शराब दुकान पर न सिर्फ शराब की बिक्री हो रही थी, बल्कि सोडा, पानी, नमकीन और ग्लास तक खुलेआम बेचे जा रहे थे. जबकि आबकारी विभाग के नियमों के मुताबिक शराब दुकानों पर इन वस्तुओं की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है, बावजूद इसके यहां बिना किसी रोक-टोक के कारोबार चलता दिखा.
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आबकारी अधिनियम 1950 की धारा 58(सी) के तहत दुकान में केवल मालिक या कर्मचारी रह सकते हैं. बाहरी व्यक्ति को शराब दुकान के अंदर बैठाना अवैध है. बावजूद इसके, जयपुर की करीब 80% शराब दुकानों में बैठाकर शराब परोसी जा रही है. बार लाइसेंस की न्यूनतम फीस ₹8 लाख है, लेकिन बिना लाइसेंस शराब पिलाकर सरकारी राजस्व को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया जा रहा है. बार-बार नियम तोड़ने पर दुकान निलंबन या निरस्तीकरण की कार्रवाई भी हो सकती है. लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.