Sawai Madhopur Weather: सवाई माधोपुर में तीन दिन से मूसलाधार बारिश से नदियां-नाले उफान पर हैं. 12 बांध छलक गए, दर्जनों गांव जलमग्न हो गए. सुरवाल बांध का पानी हाईवे पर आने से यातायात ठप है. सैकड़ों परिवार घरों में फंसे, फसलें नष्ट, प्रशासन बेबस नजर आ रहा है.
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सवाई माधोपुर में बारिश
सवाई माधोपुर जिले में विगत तीन दिनों से रूक रुक कर मूसलाधार बारिश का दौर जारी है. जिले में लगातर हो रही भारी बारिश से जिले के सभी नदी नालों में उफान हैं. बारिश के चलते जिले के तकरीबन एक दर्जन बांध छलक गए हैं और बांधों से औवर फ्लो होकर लगातार आ रहे पानी का दंश दर्जनों गांवों के सैकड़ो ग्रामीण झेलने को मजबूर हो गए हैं. जिले के दर्जनों गांव पानी से घिरे हुए हैं और ग्रामीणों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं.
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सभी नदी उफान पर
सवाई माधोपुर जिले में हुई मूसलाधार बारिश से जिले के कई इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए और अभी भी लगातार बारिश का दौर जारी है, जिसके चलते जिले के सभी नदी नाले उफान पर हैं. बनास, चंबल, गलवा, मोरल, गम्भीरा एंव निगोह नदी उफान पर चल रही है, जिले में हुई भारी बारिश से जिले के 18 बांधों में से 12 बांध पूरी तरह से भर गए और सभी एक दर्जन बांधों पर अब चादर चल रही है. जिससे बांधो के निचले इलाके में बसे दर्जनों गांव पूरी तरह से पानी से घिरे हुए हैं और बाढ़ की चपेट में है.
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बांध के ओवरफ्लो होने से डूबे गांव
सर्वाधिक परेशान सूरवाल बांध की डाउनस्ट्रीम में रहने वाले गांवों के लोग है. सुरवाल बांध के ओवरफ्लो होने से बांध के निचके क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवो के चारों ओर पानी भर गया है. गांवों के भीतर भी जबरदस्त पानी घुसा हुआ है. कई मकानों के अंदर पानी भरा हुआ है. गांव से निकलने के रास्ते पूरी तरह से बंद हो गए हैं. मच्छीपुरा की ढाणी, सूरवाल, अजनौटी, दुब्बी धनौली, पुसोदा, करमोदा, शेषा सहित कई गांव में स्थितियां इतनी खराब है कि घर से ग्रामीण निकल तक नहीं पा रहे हैं. लगातार बढ़ते पानी से भय के साए में ग्रामीण पल-पल परेशान होने को मजबूर है. वहीं सुरवाल बांध का पानी कोटा लालसोट मेगा हाइवे पर आ गया, जिससे हाइवे दरिया में तब्दील हो गया है, हाइवे ओर दो से तीन फीट तक पानी बह रहा है, जिससे हाइवे पर यातायात पूरी तरह से बाधित है.
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खाद्य सामग्री व पशुओं का चारा तक भीगा
सूरवाल बांध में अत्यधिक पानी की आवक बढ़ने से बांध के भराव क्षेत्र के गांवो में जल भराव की विकराल स्थिति पैदा हो गई है. खाद्य सामग्री व पशुओं का चारा तक भीग गया है. घरों में पानी भरने से लोग दुबके बैठे हैं और कई लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित जगहों पर दूसरे के घरों में आश्रय लेने को मजबूर है. सूरवाल गांव की सड़के दरिया बनी हुई है. रास्ते पूरी तरह से अवरुद्ध है. भगवतगढ़ मार्ग पर बनी पुलिया में पानी निकासी के लिए छोटे पाइप लगाए गए हैं, जो पानी का वेग बर्दाश्त नहीं कर पा रहे.
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नदियों में उफान के चलते कटा संपर्क
वही मोरल नदी क्षेत्र के मायापुरी, आनंदपुरा, डुंगरी, गोज्यारी, का संपर्क कटा हुवआ है. निगोह नदी व बनास नदी के उफान पर आने से मलारना मार्ग अवरुद्ध है और सैनीपुरा, तिबारा, दोनायचा, बिच्छीदोनों, रघुवंटी, चक बिलोली, गोखरूपुरा, पिलवा, श्यामोली, सांकड़ा, मकसुदनपुरा, चोहनपुरा, बालोली आदि दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में है और लोगो का रहना मुश्किल हो रहा है.
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प्रशासन के सारे दावे झूठे
जिले में हो रही मूसलाधार बारिश से नदियों ओर नालों में आये उफान और बांधों का पानी औवर फ्लो होकर आने से सवाई माधोपुर लालसोट मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध है. अपनी जान को जोखिम में डालकर लोग सड़क पार करने को मजबूर हैं. प्रशासनिक भलेही आपदा प्रबंध के लाख दावे कर रहा हो और प्रशासन के इंतजाम ऐसे आपदा के समय शून्य नजर आ रहे है और बाढ़ ग्रस्त गांवों के लोग खासा परेशान है. जलमग्न गांवों में कई ऐसी तस्वीरें भी देखने को मिल रही हैं, जहां लोग अपनी जान की परवाह किए बिना बे-वजह ही पानी के बहाव क्षेत्र में घूम रहे हैं.