Jodhpur News: राजस्थान विधानसभा में कैमरे लगाए जाने को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विवाद तेज हो गया है. इसी बीच निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी का बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा कि हम जनता की आवाज उठाते हैं, हमारे लिए 100 कैमरे भी लग जाएं तो फर्क नहीं पड़ता. भाटी ने वरिष्ठ नेताओं से संयम बरतने और महिलाओं के सम्मान की अपील करते हुए राजनीति की गरिमा बनाए रखने पर जोर दिया.
1/7
Ravindra Singh Bhati
Jodhpur News: राजस्थान विधानसभा में कैमरे लगाए जाने को लेकर प्रदेश की राजनीति में विवाद गहराता जा रहा है. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. इस बीच शिव क्षेत्र से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी का बयान सामने आया है, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है. भाटी ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और अन्य नेताओं पर अप्रत्यक्ष तंज कसते हुए कहा कि 'हम जनता की आवाज उठाते हैं, हमारे लिए 100 कैमरे लग जाएं तो भी कोई फर्क नहीं पड़ता'. उन्होंने कहा कि राजस्थान की राजनीति इतनी निम्न स्तर की नहीं रही है कि बयानबाजी कर इसे कलंकित किया जाए.
2/7
Ravindra Singh Bhati
भाटी ने कहा कि हमारे वरिष्ठ नेताओं ने जिस तरह बयान दिए हैं, उससे लगता है कि राजनीति का स्तर गिर रहा है. दोनों ही वरिष्ठ नेता हैं और आपसी मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इस तरह की बयानबाजी शोभा नहीं देती. दोनों को संयम बरतना चाहिए. इस तरह की टिप्पणियों से पूरे प्रदेश की छवि पर असर पड़ता है.
3/7
Ravindra Singh Bhati
उन्होंने विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि सदन में इक्का-दुक्का महिला सदस्य हैं, जो समाज की मातृशक्ति का प्रतिनिधित्व करती हैं. उनके खिलाफ ऐसी बातें कहना पूरे राजस्थान और यहां की जनता पर उंगली उठाने जैसा है. राजनीति की गरिमा बनाए रखनी चाहिए और महिलाओं का सम्मान करना चाहिए.
4/7
Ravindra Singh Bhati
कैमरों को लेकर उठे विवाद पर भाटी ने साफ शब्दों में कहा कि विधानसभा में कैमरों का लगना कोई नई बात नहीं है. उन्होंने कहा कि आज से नहीं, पहले भी कैमरे लगे हुए थे. जनता को जानने का पूरा अधिकार है कि उनके प्रतिनिधि सदन में क्या कर रहे हैं. इसलिए कैमरे लगना लोकतंत्र के लिए अच्छा है. भले ही 100 कैमरे लगा दिए जाएं, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता. हम तो खुश हैं कि हमारी आवाज जनता तक पहुंच रही है. उन्होंने आगे कहा कि हम यहां इसलिए बैठे हैं कि जनता की समस्याओं को उठाएं और क्षेत्र की आवाज को मजबूती दें. कैमरे से पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को पता चलेगा कि हम किस तरह काम कर रहे हैं. इसमें कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए.
5/7
Ravindra Singh Bhati
रविंद्र सिंह भाटी ने नेपाल में सत्ता परिवर्तन और हिंसा पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यह घटना दुखद है. हम महात्मा गांधी के देश में अहिंसा के पुजारी हैं. ऐसी घटनाएं हमारी संस्कृति के खिलाफ हैं. हमें आशा है कि हमारे युवा साथी भी राष्ट्रहित में खड़े रहेंगे. यदि देश की एकता पर संकट आया तो हम अपने प्राणों की आहुति देने को भी तैयार हैं. हम इस देश को टूटने नहीं देंगे.
6/7
Ravindra Singh Bhati
भाटी ने अपने बयान में यह स्पष्ट किया कि राजस्थान की राजनीति परंपराओं, संवाद और जनहित पर आधारित रही है. उन्होंने कहा कि हमें चाहिए कि राजनीति में मर्यादा बनी रहे. जनता ने हमें विश्वास देकर प्रतिनिधित्व का अवसर दिया है, इसलिए हमें उनके भरोसे को कायम रखना चाहिए. बयानबाजी से न केवल राजनीतिक माहौल खराब होता है, बल्कि समाज में गलत संदेश भी जाता है. सभी नेताओं को अपनी भाषा और व्यवहार पर ध्यान देना चाहिए.
7/7
Ravindra Singh Bhati
रविंद्र सिंह भाटी का बयान उस समय आया है जब विधानसभा में कैमरों को लेकर विवाद तेज हो गया है. एक ओर पारदर्शिता की बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से माहौल गर्म है. भाटी ने स्पष्ट कर दिया कि जनता की सेवा ही उनकी प्राथमिकता है और कैमरों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मजबूत होगी. साथ ही, उन्होंने नेताओं से संयम और गरिमा बनाए रखने की अपील की है.