Mughal: मुगल सम्राट जहांदार शाह एक महिला लालकुंवर के प्यार में अंधा होकर सत्ता और सम्मान दोनों गंवा बैठा. उसकी क्रूरता, विलासिता और अय्याशी ने साम्राज्य को शर्मसार किया. अंततः भतीजे फ़र्रुख़सियर ने 1713 में दोनों को बंदी बनाकर मौत के घाट उतार दिया.
1/7
Mughal
भारत का इतिहास वीर योद्धाओं और महान सम्राटों की कहानियों से भरा पड़ा है. लेकिन कुछ ऐसे भी शासक हुए, जिनकी गलतियों ने पूरे साम्राज्य को शर्मसार कर दिया. ऐसी ही एक कहानी है मुगल सम्राट जहांदार शाह की, जिसने एक महिला के प्यार में पड़कर सत्ता और सम्मान दोनों खो दिए.
2/7
Mughal
जहांदार शाह 29 मार्च 1712 को मुगल गद्दी पर बैठा था. शुरुआत से ही वह एक कमजोर और विलासी शासक माना गया. सत्ता संभालने के कुछ ही समय बाद उसकी जिंदगी में लालकुंवर नाम की एक महिला आई, जिसकी सुंदरता और आवाज ने उसे पूरी तरह दीवाना बना दिया.
3/7
Mughal
जहांदार शाह ने लालकुंवर से विवाह कर उसे इम्तियाज महल का खिताब दिया. इसके बाद धीरे-धीरे शासन की बागडोर पूरी तरह लालकुंवर के हाथों में चली गई. वह दरबार में निर्णय लेती, आदेश जारी करती और जहांदार शाह बस उसकी बातों पर सिर हिलाने वाला कठपुतली बन गया.
4/7
Mughal
लालकुंवर की क्रूरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसने एक बार मनोरंजन के लिए लोगों से भरी नाव डुबाने को कहा. जहांदार शाह ने उसकी खुशी के लिए यह हुक्म दे दिया और डूबते लोगों की चीखें लालकुंवर के लिए तमाशा बन गईं.
5/7
Mughal
इतना ही नहीं, लालकुंवर को शाह के बेटों से नफरत थी. उसके कहने पर जहांदार शाह ने अपने ही बेटों की आंखें फोड़कर उन्हें कैद में डलवा दिया. प्रेम में अंधे इस शासक को अब सही और गलत की पहचान ही नहीं रही थी.
6/7
Mughal
एक दिन लालकुंवर ने उसे नग्न होकर दरबार लगाने का आदेश दिया. सम्राट ने उसकी बात मान ली, लेकिन इस हरकत ने दरबारियों और जनता में गुस्से की आग भड़का दी. जिसके बाद उसके ही भतीजे फर्रुखसियर ने सैय्यद बंधुओं की मदद से 12 फरवरी 1713 को जहांदार शाह और लालकुंवर को बंदी बनाकर मौत के घाट उतार दिया.
7/7
Mughal
प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों और AI की मदद ली है. Zee Rajasthan इसकी पुष्टि नहीं करता है.