/Rajasthan Silver Price: क्या दोबारा से चांदी में आएगी तबाह कर देने वाली गिरावट! 1980 और 2011 निवेशकों के लिए था घाटे का साल, जानें जयपुर सर्राफा बाजार के एक्सपर्ट की राय
Rajasthan Silver Price: क्या दोबारा से चांदी में आएगी तबाह कर देने वाली गिरावट! 1980 और 2011 निवेशकों के लिए था घाटे का साल, जानें जयपुर सर्राफा बाजार के एक्सपर्ट की राय
Rajasthan Silver Price: जयपुर सर्राफा बाजार में चांदी ने नया रिकॉर्ड बनाया है. आज चांदी का भाव ₹3,75,000 प्रति किलो तक पहुंच गया है. यह कीमत इतनी ऊंची है कि छोटे निवेशक (10 हजार से 30 हजार रुपये वाले) अब चांदी में निवेश नहीं कर पा रहे हैं. जयपुर सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के अध्यक्ष कैलाश मित्तल ने चांदी के दाम को लेकर विशेष बातचीत की है. जानिए बिना किसी देरी किये, वो भी विस्तार से...
1/8
Rajasthan Silver Price
चांदी के बाजार में अभी जो तेजी देखी जा रही है, वह इतिहास के दो सबसे बड़े बुल रन से काफी मिलती-जुलती लग रही है. साल 1980 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतें 50 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई थीं. लेकिन इस पीक पर पहुंचने के महज 2 महीने के अंदर ही कीमतों में 70% से ज्यादा की भयानक गिरावट दर्ज की गई थी. यह गिरावट इतनी तेज थी कि निवेशकों के लिए यह एक बड़ा सबक बन गया.
2/8
चीन का एक्सपोर्ट बंद और अमेरिका की बड़ी खरीदारी
कैलाश मित्तल ने कहा कि चीन ने चांदी का एक्सपोर्ट काफी हद तक बंद कर रखा है. अमेरिका ने अगले 10 साल के लिए चांदी की भारी खरीदारी कर रखी है. चीन अमेरिका को पार करने की रणनीति में एक्सपोर्ट पर रोक लगा रहा है. इसके अलावा ईरान-इजराइल या अन्य भू-राजनीतिक तनाव के कारण भी कुछ भी हो सकता है. चांदी अभी आर्थिक गोले (economic bubble) पर बैठी हुई है.
3/8
Rajasthan Silver Price
इसी तरह साल 2011 में भी चांदी ने 49.80 डॉलर प्रति औंस का पीक छुआ था. लेकिन इसके बाद कुछ ही महीनों में कीमतें 30% से ज्यादा गिर गईं. दोनों ही मामलों में तेजी के पीछे स्पेकुलेशन, इंडस्ट्रियल डिमांड और निवेशकों की भारी खरीदारी थी, लेकिन पीक पर पहुंचते ही प्रॉफिट बुकिंग, सप्लाई में सुधार और आर्थिक अनिश्चितता ने कीमतों को नीचे धकेल दिया.
4/8
वर्तमान स्थिति और इतिहास की समानता
आज चांदी का भाव ₹3,75,000 प्रति किलो (लगभग $45-46 प्रति औंस) के आसपास पहुंच चुका है. यह स्तर पिछले 13 सालों का सबसे ऊंचा है. वैश्विक स्तर पर AI, EV, सोलर और ग्रीन एनर्जी सेक्टर की वजह से चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड बढ़ रही है. साथ ही अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड टेंशन, ईरान-इजराइल संघर्ष जैसी भू-राजनीतिक अस्थिरता और सप्लाई कंस्ट्रेंट्स ने निवेशकों को सुरक्षित एसेट के रूप में चांदी की ओर आकर्षित किया है.
5/8
क्या फिर गिरावट आएगी?
जयपुर सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के अध्यक्ष कैलाश मित्तल का कहना है कि चांदी अभी आर्थिक गोले (bubble) पर बैठी हुई है. 1980 और 2011 की तरह, जब भी कीमतें इतनी तेजी से ऊपर जाती हैं, तो प्रॉफिट बुकिंग और मार्केट करेक्शन से भारी गिरावट आती है. मित्तल जी ने चेतावनी दी कि छोटे निवेशक अभी चांदी में न जाएं, क्योंकि जोखिम बहुत ज्यादा है.
6/8
छोटे निवेशकों के लिए सलाह
चांदी की मौजूदा ऊंचाई पर निवेश करने से पहले इतिहास को याद रखें. कॉपर अभी बेहतर विकल्प है, क्योंकि इसमें दोगुना रिटर्न की संभावना है.
7/8
सलाह
लंबी अवधि के लिए निवेश करें, लेकिन जोखिम को समझें. बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य है—सोच-समझकर कदम उठाएं.
8/8
Rajasthan Silver Price
यह तेजी और गिरावट का इतिहास निवेशकों के लिए एक बड़ा सबक है. चांदी अभी भी आकर्षक लग रही है, लेकिन 1980 और 2011 की तरह एक बड़ा करेक्शन आ सकता है. निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह जरूर लें. -जयपुर सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के अध्यक्ष कैलाश मित्तल