Rajasthan News: राजस्थान सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के लिए पॉलिसी लाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. वर्तमान में इस पॉलिसी को लेकर जोर शोर से तैयारियां चल रही हैं. सरकार की उम्मीद है कि एआई तकनीक की पॉलिसी से प्रदेश में विकास की रफ्तार को तेजी से बढ़ावा दिया जा सकेगा. इस पहल से राजस्थान में तकनीकी विकास और नवाचार को नई दिशा मिलने की संभावना है.
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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार सूचना प्रौद्योगिकी और संचार के क्षेत्र में नए आयाम गढ़ने का दावा कर रही है. इसी कड़ी में, सरकार ने राजस्थान एआई पॉलिसी 2025 की ओर तेजी से कदम बढ़ा दिए हैं और जल्द ही इसका एलान होने जा रहा है. इसे प्रदेश के विकास के भविष्य की नींव रखने वाला एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे तकनीक के माध्यम से राज्य की तरक्की को नई दिशा मिलने की उम्मीद है.
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सरकार की इस ऐतिहासिक पहल को जवाबदेह, नैतिक और समावेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इसके तहत, नैतिक और जिम्मेदार एआई को अपनाने के लिए सरकारी स्तर पर विशेष प्रयास किए जाएंगे. राज्य में कौशल विकास और अनुसंधान को बढ़ावा देने के साथ-साथ मजबूत और व्यापक डिजिटल बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा. इसके क्रियान्वयन के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एआई की स्थापना की जाएगी, जो स्टार्टअप्स, शैक्षणिक संस्थानों और निजी क्षेत्र के साथ मिलकर नवाचार को गति प्रदान करेगा.
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राज्य सरकार की एवीजीसी-एक्सआर पॉलिसी ने राजस्थान को एनिमेशन, गेमिंग और विजुअल इफेक्ट्स जैसे रचनात्मक क्षेत्रों में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. इस पॉलिसी के तहत, राज्य में रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे. इसके अलावा, राज्य सरकार ने 1000 करोड़ रुपये की लागत से चार अटल इनोवेशन स्टूडियो एंड एक्सेलेरेटर्स की स्थापना का प्रस्ताव रखा है, जो नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देंगे. साथ ही, एग्रीकल्चर एक्सेलेरेटर मिशन की शुरुआत से तकनीक और कृषि का समावेश होगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी.
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राजस्थान सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी के बढ़ते प्रभाव को ध्यान में रखते हुए राजस्थान डेटा सेंटर पॉलिसी-2025 जारी की है. इस पॉलिसी का उद्देश्य राज्य में एक विश्व स्तरीय डेटा सेंटर इकोसिस्टम विकसित करना है और राजस्थान को डेटा सेंटर क्षेत्र में एक प्रमुख गंतव्य बनाना है. यह नीति राज्य में स्थापित होने वाले डेटा सेंटर्स की गतिविधियों की दक्षता, सुरक्षा और विश्वसनीयता को प्रभावी बनाएगी, जिससे निजी क्षेत्र में डेटा सेंटर्स की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा और राज्य की तकनीकी विकास को नई दिशा मिलेगी.
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राज्य सरकार का लक्ष्य है कि सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करे और राजस्थान को क्रिएटिव टेक्नोलॉजी का हब बनाया जा सके. इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार प्रमुख उद्यमियों के साथ एमओयू के माध्यम से सहयोग बढ़ावा देगी और निवेश को आकर्षित करेगी. इसी कड़ी में, भामाशाह स्टेट डेटा सेंटर राजस्थान की डिजिटल रीढ़ के रूप में कार्य कर रहा है, जो देश का सबसे बड़ा सरकारी डेटा सेंटर है और 99.995 प्रतिशत अपटाइम की गारंटी प्रदान करता है.
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राजस्थान स्टेट डेटा सेंटर (आरएसडीसी) देश का सबसे बड़ा सरकारी स्वामित्व वाला डेटा सेंटर है. मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप यह सेंटर अत्याधुनिक तकनीकों से लैस है. इसमें जयपुर में चार और जोधपुर में एक डीआर साइट सम्मिलित हैं. इसकी कुल क्षमता 800 रैक है, जिनमें आरएसडीसी-पी4 में 600 रैक के साथ टियर-4 डिजाइन उपलब्ध है, जो 99.995 प्रतिशत अपटाइम की गारंटी देता है. यह सेंटर जी2जी, जी2सी और जी2बी सेवाओं की प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित करता है, जिससे डिजिटल राजस्थान का सपना साकार हो रहा है. इसके माध्यम से डेटा प्रबंधन, केंद्रीय संग्रहण और आईटी संचालन की लागत में उल्लेखनीय कमी आई है.
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भविष्य की सरकार डिजिटल विजन के साथ कदमताल करते हुए नवाचार, दक्षता और पारदर्शिता की राह पर आगे बढ़ रही है. इससे आमजन को राहत पहुंचाने और शासन की पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में यह नवाचार एक मील का पत्थर साबित हो रहा है. राजस्थान तकनीक के दम पर जनसेवा का एक नया अध्याय लिख रहा है, जिससे राज्य की प्रगति और विकास को नई दिशा मिल रही है. इस पहल से राजस्थान की तस्वीर बदलने की उम्मीद है और राज्य को एक नए युग में ले जाने की तैयारी है.