Saheliyon Ki Bari: सहेलियों की बाड़ी, उदयपुर का एक ऐसा ऐतिहासिक जगह है जो अपनी सुंदरता, शांति और अनोखे इतिहास के लिए प्रसिद्ध है. महाराणा संग्राम सिंह द्वितीय द्वारा निर्मित यह स्थान आज भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है.
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सहेलियों की बाड़ी
अगर आप भी घूमने-फिरने के शौकीन है, और किसी खूबसूरत जगह की तलाश में हैं तो उदयपुर की ये जगह आपके लिए बेहतरान है, जहां पर आप छुट्टियों में फैमिली या दोस्तों के साथ घूमने जा सकते हैं. आइए जानते हैं इस खूबसूरत जगह के बारे में जिसे सहेलियों की बाड़ी कहा जाता है.
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निर्माण
इस सुंदर बगीचे का निर्माण महाराणा संग्राम सिंह द्वितीय ने अपनी रानी और उनकी 48 सहेलियों के लिए करवाया था ताकि वे यहां आराम और मनोरंजन कर सकें. बाड़ी में कई छोटे-बड़े कमल कुण्ड हैं, जिनमें खिले हुए कमल के फूल इसकी सुंदरता में चार चांद लगा देते हैं.
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महिलाओं का विशेष स्थान
यह उद्यान शाही महिलाओं के लिए बनाया गया एक विशेष स्थान था, जहां वे शाही जीवन के तनाव से दूर प्रकृति के बीच सुकून के पल बिता सकती थीं. सहेलियों की बाड़ी आज भी शहर की भीड़-भाड़ से दूर एक शांत और सुकून भरी जगह है, जहां आप हरियाली और फूलों के बीच समय बिता सकते हैं.
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अनोखे फव्वारे
इस बाड़ी का सबसे बड़ा आकर्षण यहां के अनूठे फव्वारे हैं, जिन्हें बिना किसी पंप के, सिर्फ पानी के प्राकृतिक दबाव का उपयोग करके चलाया जाता है.
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कलात्मक सौंदर्य
यहां के संगमरमर से बने मंडप, कमल कुण्ड और फव्वारों के बीच बने हाथी इस जगह को एक कलात्मक रूप देते हैं, जो राजस्थानी शिल्प कला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है. इस परिसर में एक छोटा संग्रहालय भी है, जिसमें शाही परिवार की कुछ ऐतिहासिक वस्तुएं और कलाकृतियां रखी गई हैं, जो इतिहास प्रेमियों को आकर्षित करती हैं.
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फव्वारों की ख़ासियत
यहां के फव्वारे, विशेष रूप से बारिश के दौरान, अलग-अलग तरह से पानी की फुहारें छोड़ते हैं, जिसे देखना एक शानदार अनुभव होता है.
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फूलों और पौधों
यह उद्यान तरह-तरह के फूलों और पौधों से भरा है, जो इसे पूरे साल हरा-भरा और खुशनुमा बनाए रखते हैं.
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लोकप्रिय पर्यटन स्थल
अपनी खूबसूरती और इतिहास के कारण, सहेलियों की बाड़ी आज उदयपुर के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक बन गई है, जहां देशी-विदेशी पर्यटक बड़ी संख्या में आते हैं.