Bhilwara Jalbharav: भीलवाड़ा के तिलस्वा महादेव क्षेत्र में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. मंदिर तक जाने वाले रास्ते डूबे, सड़कों पर नावें चल रही हैं. खेतों में पानी भर गया, जिससे फसलों को नुकसान की आशंका है. प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है.
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बारिश से भीलवाड़ा में जनजीवन अस्त-व्यस्त
भीलवाड़ा के ऐतिहासिक तिलस्वा महादेव क्षेत्र में रविवार रात से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण स्थानीय जलभराव और परिवहन की समस्या पैदा हो गई है. मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को भीलवाड़ा में अधिकतम तापमान 31.6° डिग्री और न्यूनतम 24.5°डिग्री रहा, जबकि हवा की गति 23.8 किमी/प्रतिघंटा दर्ज की गई.
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हवा में लगातार बनी हुई है नमी
नमी का स्तर 80-82% होने से आर्द्रता बनी हुई है, जिससे बारिश की संभावना अभी भी बरकरार है. तिलस्वा महादेव मंदिर के आसपास के निचले इलाकों में जलभराव हो गया है. जिससे सड़कें पानी में डूब गईं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि मंदिर तक जाने वाले मुख्य मार्ग पर पानी भर जाने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा है. जलभराव वाले क्षेत्रों में नावें चल गई है.
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सोमवार को फिर बारिश का अनुमान
दोपहर 1 बजे तापमान 31.6°डिग्री तक पहुंचा, लेकिन बादल छाए रहने और हवा की दिशा पश्चिम-उत्तर पश्चिम रहने के कारण शाम तक फिर बारिश होने की संभावना है.
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खेतों में पानी भरा, नुकसान की आशंका
तेज बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है. ग्रामीण क्षेत्रों में खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका भी है. जब अभी तक बुवाई के स्तर पर है वहां सारा खाद बीज बह गया. हालांकि मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में बारिश कम होने का पूर्वानुमान जारी किया है.
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संवेदनशील इलाकों में बढ़ाई निगरानी
प्रशासन के अनुसार "तिलस्वा महादेव जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है. अगर बारिश जारी रही, तो निचले इलाकों को अलर्ट पर रखा जाएगा."