Rajasthan Weather Update: राजस्थान में अगले चार दिनों तक मानसून एक्टिव रहने की संभावना है. मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल कोई नया सिस्टम नहीं बन रहा है. ऐसे में 13 सितंबर तक अधिकांश जिलों में मौसम सामान्य बना रहेगा. कुछ इलाकों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं, जयपुर में बारिश की संभावना बेहद कम है और यहां तापमान बढ़ने की आशंका जताई गई है.
1/8
Rajasthan Weather Update: मौसम विभाग ने 10 सितंबर को जैसलमेर और बाड़मेर जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. इसके बाद 11 से 13 सितंबर तक प्रदेश के किसी भी हिस्से में फिलहाल बारिश को लेकर कोई विशेष अलर्ट नहीं है और न ही नया सिस्टम बनता नजर आ रहा है.
2/8
दरअसल, इस बार मानसून राजस्थान पर पूरी तरह मेहरबान रहा है. अब तक 693.1 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है. भारी बारिश से 437 बांधों के गेट खोले गए हैं और कई सालों से सूखी पड़ी नदियों में भी पानी की आवक हुई है.
3/8
वहीं, मौसम विभाग के मुताबिक 10 सितंबर से मानसून कमजोर पड़ना शुरू हो सकता है. वर्तमान में बना अवदाब पाकिस्तान और उसके आसपास के भुज और पश्चिमी राजस्थान क्षेत्र में सक्रिय है, जिसके चलते कहीं-कहीं हल्की बरसात संभव है. लेकिन अगले एक सप्ताह में अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां काफी घट जाएंगी.
4/8
अनुमान है कि 17 सितंबर के बाद मानसून विदाई की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. वहीं, आंकड़े बताते हैं कि बीते 10 सालों में ज्यादातर बार अक्टूबर में ही राजस्थान से मानसून की विदाई हुई है.
5/8
आधिकारिक रूप से 15 सितंबर तक पूर्वी राजस्थान और 30 सितंबर तक पश्चिमी राजस्थान से मानसून विदा होता है लेकिन जब तक कोई नया वेदर सिस्टम सक्रिय रहता है, तब तक कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना बनी रहती है.
6/8
दिलचस्प बात यह है कि पिछले 14 सालों में केवल एक बार ही सितंबर में मानसून की विदाई दर्ज की गई है, बाकी सभी बार अक्टूबर में ही मानसून खत्म हुआ है.
7/8
जयपुर की बात करें तो आने वाले चार दिनों में यहां भी बारिश की कोई चेतावनी नहीं है. इस दौरान तापमान में बढ़ोतरी होगी और पारा फिर से 30 डिग्री तक पहुंच सकता है. न्यूनतम तापमान करीब 25 डिग्री रहने की संभावना है.
8/8
भारी बारिश से जयपुर शहर की सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, वहीं बारिश से जुड़े हादसों में कई लोगों की जान भी जा चुकी है. जिले के ग्रामीण इलाकों से फसलों के नुकसान की रिपोर्टें भी सरकार तक पहुंच रही हैं.