Rajasthan Weather Update: राजस्थान में मानसून की मेहरबानी जमकर बरस रही है. ताबड़तोड़ बारिश की वजह से प्रदेश के कई संभागों में जयपुर, कोटा में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं. जलभराव की वजह से कोटा और पाली में रेल सेवाओं पर असर पड़ा है. आज 13 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. ऐसे में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.
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धोरों की धरती राजस्थान में आज 15 जुलाई को फिर से ज्यादातर जिलों में काले बादल छाए हुए हैं. मौसम विभाग की जानकारी के मुताबिक, राजस्थान में मानसून जोरों पर है. बीते 24 घंटों की बात करें तो जोधपुर, उदयपुर और कोटा संभाग की कई जगहों पर मूसलाधार बारिश दर्ज की गई. भारी बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. आगामी 2-3 दिन राजस्थानवासियों के लिए परेशानी भरे हो सकते हैं.
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जयपुर मौसम केंद्र के मुताबिक, आज 15 जुलाई को राजस्थान के जयपुर, अलवर, दौसा, भरतपुर, करौली, बूंदी, सवाई माधोपुर, कोटा, चूरू, झुंझुनू, बारां, बीकानेर, श्री गंगानगर, हनुमानगढ़, नागौर, अजमेर, भीलवाड़ा, सीकर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद और टोंक में भारी से अति भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा वज्रपात और मेघ गर्जना की भी चेतावनी जारी की गई है.
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राजस्थान के पश्चिमी जिलों की बात करें तो बाड़मेर, जालौर और जैसलमेर में भी बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं. आज 13 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. 3 जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है. इनमें पाली, नागौर, अजमेर शामिल हैं. वहीं, 16 जुलाई के लिए पूरे प्रदेश में बारिश की संभावना जताई गई है. जोधपुर, नागौर, बीकानेर में भारी बारिश का अलर्ट है. 17 जुलाई को भी पूरे प्रदेश पर बादल मेहरबान रह सकते हैं.
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मौसम विभाग का कहना है कि आगामी 16 और 17 जुलाई को भी प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश जारी रह सकती है. इससे स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. बीते 14 जुलाई को राजस्थान के कई हिस्सों में अधिकारी बारिश को रिकॉर्ड दर्ज किया गया. इसके चलते इन जगहों पर जल भराव की स्थिति देखी गई. इससे जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हुआ. बता दें कि मानसून के तीव्र होने के साथ ही प्रदेश की तापमान में भी उतार-चढ़ाव का दौर देखा जा रहा है.
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बारिश और आंधी-तूफान का ऑरेंज-येलो अलर्ट जारी करने के साथ ही मौसम विभाग ने आमजन के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं. मौसम विभाग के मुताबिक, मेघगर्जनके समय किसी सुरक्षित स्थान की शरण लें. पेड़ों के नीचे कतई न जाएं. घर के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग को निकालकर रख दें. बिजली के पोल, कच्चे घरों के आसपास न जाएं.
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मरुधरा में मानसून जमकर मेहरबान है. 498 बांध फुल राजस्थान के 413 बांध आशिंक, 85 बांध ओवरफ्लो हुए. सबसे ज्यादा कोटा संभाग के 81 बांधों में 80% पानी की आवक हुई है. बांसवाड़ा संभाग के 63 बांधों में 60 प्रतिशत पानी दर्ज हुआ. जयपुर संभाग के 186 बांधों में 57 % पानी की मात्रा, भरतपुर संभाग के 68 बांधों में 49% पानी, उदयपुर के 178 बांधों में 36% पानी की मात्रा दर्ज हुई, सबसे कम जोधपुर संभाग के 117 बांधों में 20% पानी पहुंचा है.
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बारिश के मौसम को देखते हुए शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी किए. शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल ने निर्देश जारी किए. बच्चों की सुरक्षा के समुचित प्रबंध करने के निर्देश दिए. कुएं टेंक और अन्य जल स्रोतों से बच्चों को दूर रखने के निर्देश दिए. विद्यालय परिसर में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए. शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल ने कहा कि स्कूलों में बिजली के पॉइंट और वायरिंग व्यवस्थित रखें. वायरिंग की प्रॉपर टेपिंग करवा के रखें. सभी पीईईओ और यूसीईईओ अपने क्षेत्र की स्कूलों का निरीक्षण करें. सुरक्षा व्यवस्था का समुचित प्रबंध जांच करके प्रमाण पत्र जारी करें.
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जयपुर के नजदीकी कानोता बांध में प्री-मानसून की अच्छी बारिश के चलते जलस्तर तेजी से बढ़ा है. मानसून की शुरुआत के साथ ही बांध की रपट से पानी चादर चलना शुरू हो गई है. वहीं, इस दौरान रपट से निकलकर पानी ढूंढ़ नदी में बहता हुआ कानोता कस्बे के आगरा रोड स्थित ढूंढ़ मेजर पुल को पार कर गया है, जिससे क्षेत्रवासियों में उत्साह और प्रसन्नता का माहौल है.
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लक्ष्मणगढ़ इलाके में भीषण गर्मी और उमस के बाद सावन के पहले सोमवार से ही इन्द्र देव मेहरबान हो रहे हैं, जिसके कारण इलाके में लगातार रूक-रूककर बारिश का दौर जारी है. बीती रात को आकाशीय बिजली गरजने के साथ झमाझम बारिश शुरू हुई, जिससे नगर पालिका प्रशासन के दावों की पोल खुल गई. इलाके में 66 एमएम बारिश दर्ज की गई.