Rajasthan Weather Update: दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में परिसंचरण तंत्र सक्रिय हो गया है. इस बीच मौसम विभाग ने कहा कि 5 जुलाई तक कई इलाकों में ताबड़तोड़ बारिश होने की चेतावनी जारी की है.
1/7
दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में सक्रिय हुआ परिसंचरण तंत्र
राजस्थान में एक बार फिर मानसून फिर से सक्रिय हो गया है. दक्षिण-पूर्वी हिस्से में सक्रिय हुए परिसंचरण तंत्र के चलते आगामी दिने में कई इलाकों में भारी से अतिभारी बारिश होने की संभावना है.
2/7
पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर
मौसम विभाग ने बताया कि इस बारिश का सबसे अधिक असर पूर्वी राजस्थान में देखने को मिलेगा. यहां लगातार चार दिनों तक तेज बारिश हो सकती है. भारी बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
3/7
पूरे उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय रहेगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 6-7 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में मानसून सक्रिय रहेगा. पूर्वी राजस्थान और महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी है.
4/7
पश्चिमी राजस्थान में भी बारिश की संभावना
मौसम विभाग की मानें, तो पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ स्थानों पर आगामी 3-4 दिनों के दौरान मेघगर्जन के साथ भारी बारिश भी होने की संभावना है.
5/7
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
जयपुर, नागौर, टोंक, बूंदी, भीलवाड़ा और जोधपुर जिलों में मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ जलभराव की स्थिति बन सकती है. वहीं चुरू, झुंझनू, सीकर, दौसा, अलवर, भरतपुर, करौली सहित 20 से अधिक जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है.
6/7
बाढ़ जैसे हालात, लोगों से सतर्क रहने की अपील
भारी बारिश की वजह से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हो रहा है. मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें.
7/7
भारी बारिश से हो सकता है नुकसान
2 जुलाई से 5 जुलाई के बीच कुछ इलाकों में अत्यधिक वर्षा से फसल, संपत्ति या जनजीवन को नुकसान पहुंच सकता है. ऐसे में प्रशासन और आमजन को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. राज्य सरकार भी अलर्ट मोड में है और राहत कार्यों के लिए तैयारियां की जा रही हैं.