Rajasthan Weather Update: राजस्थान में समय से पहले पहुंचे मानसून ने कई जिलों को भिगोया. अब पश्चिमी राजस्थान में मानसून सक्रिय हो गया है. मौसम विभाग ने जुलाई के पहले सप्ताह में भारी बारिश की संभावना जताई है.
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राजस्थान में समय से पहले पहुंचा मानसून
राजस्थान में इस बार मानसून तय वक्त से पहले ही पहुंच गया, जिससे प्रदेश के कई शहरों में झमाझम बारिश देखने को मिली. शुरुआत में पूर्वी राजस्थान में मानसून ने अच्छी बारिश दी, लेकिन अब इसका रुख पश्चिमी राजस्थान की ओर बढ़ चुका है. इससे पूर्वी राजस्थान में दो से तीन दिन तक बारिश की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ सकती है.
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पश्चिमी राजस्थान में अब सक्रिय हुआ मानसून
मौसम विभाग के मुताबिक, आगामी 3-4 दिन जोधपुर और बीकानेर संभाग सहित पश्चिमी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है.
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पूर्वी राजस्थान में फिर से सक्रिय होगा मानसून
पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग में 2 से 6 जुलाई तक भारी से अति भारी बारिश की संभावना है. इस दौरान बारिश के साथ-साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है, जिससे मौसम और अधिक सक्रिय हो सकता है.
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विंड पैटर्न में बदलाव बना बारिश की वजह
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हवा के रुख यानी विंड पैटर्न में बदलाव के कारण मानसून अब पश्चिमी राजस्थान की ओर खिसक गया है. इस बदलाव के कारण ही पश्चिम में बादलों का मूवमेंट अधिक हो गया है, जबकि पूर्वी राजस्थान में अस्थाई रूप से बारिश थम सी गई है. हालांकि जुलाई के पहले सप्ताह में फिर से बारिश की जोरदार वापसी का अनुमान है.
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बीते 24 घंटे में कहां-कितनी बारिश हुई
पिछले 24 घंटे में जैसलमेर में सबसे अधिक 68.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. इसके अलावा बालोतरा के कल्याणपुर में 67 मिमी, बांसवाड़ा के गढ़ी में 32 मिमी, दौसा के पापड़दा में 46 मिमी और कोटा के रामगंजमंडी में 56 मिमी बारिश दर्ज हुई है. इन आंकड़ों से साफ है कि मानसून अब धीरे-धीरे पूरे राज्य में सक्रिय होता जा रहा है.
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कृषि और जल भंडारण के लिए राहत
राजस्थान के कई इलाकों में लगातार बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है. फसलों की बुवाई शुरू हो चुकी है और जलाशयों में भी पानी की आवक बढ़ी है. इससे आगामी कृषि सत्र के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं.
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अलर्ट के साथ सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. निचले इलाकों में जलभराव, बिजली गिरने और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं से बचाव के लिए प्रशासन को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है.