Rajasthani Bridal jewellery: राजस्थान की दुल्हन जब सजे-संवरे जोड़े में आती है, तो ऐसा लगता है मानो राजघराने की कोई महारानी अपने महल से निकल पड़ी हो. लाल चुंदड़ी या बंधेज की लहरदार साड़ी, भारी घाघरा और उन पर सजे सोने-चांदी के पारंपरिक गहने - यही तो है राजस्थानी ब्राइडल लुक की असली पहचान. यह गहने सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि राजस्थान की संस्कृति, इतिहास और भावनाओं का प्रतीक हैं. आज आपको राजस्थानी दुल्हन के की ज्वेलरी के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें वह शादी वाले दिन जरूर कैरी करती हैं.
1/9
Rajasthani Bridal jewellery
बोरणा या रखड़ी राजस्थानी दुल्हन की पहचान बोरणा से शुरू होती है. यह एक गोलाकार मंगटीका जैसा आभूषण होता है, जो माथे के बीचों-बीच झूलता है. बोरणा वैवाहिक जीवन की शुरुआत का प्रतीक है. पहले इसे रानी-महारानियां पहनती थीं, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा झलकती थी. आज भी हर राजस्थानी दुल्हन इसे अपने माथे पर सजाती है.
2/9
Rajasthani Bridal jewellery
नथ या नथुड़ी राजस्थान की बड़ी नथें देशभर में मशहूर हैं. सोने की गोल नथ, जिस पर मोती या रत्न जड़े होते हैं. शादी के दिन इसे पति की बहन या भाभी पहनाती हैं- यह एक सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है. मेवाड़ और मारवाड़ के इलाकों में नथ का आकार और डिजाइन अलग-अलग होता है.
3/9
Rajasthani Bridal jewellery
आद / कंठी / हासली राजस्थानी दुल्हन के गले में कई प्रकार की हारें होती हैं- कंठी, जो कि चांदी या सोने का मोटा गले का हार, जो परंपरा का प्रतीक है. आद एक लंबा हार, जिसमें मोती या रत्न जड़े होते हैं. हासली: गले के पास कसकर बैठने वाला धातु का हार, जो शौर्य और सौंदर्य दोनों का प्रतीक है. इन हारों से दुल्हन का गला ऐसे दमकता है, मानो सूरज की किरणें उस पर उतर आई हों.
4/9
Rajasthani Bridal jewellery
बाजूबंद राजस्थान की वीरांगनाएं जब युद्ध में जाती थीं, तो वे भी बाजूबंद पहनती थीं. चौड़े, नक्काशीदार और रत्नों से जड़े सोने के बाजूबंद. शक्ति, साहस और सौंदर्य का मिश्रण. आज ये दुल्हनों के हाथों में राजसी अंदाज़ जोड़ते हैं.
5/9
Rajasthani Bridal jewellery
चूड़ा, कड़ा और पनगा राजस्थानी दुल्हन की कलाई में गहनों की भरमार होती है. चूड़ा पारंपरिक लाल और हाथी-दांत जैसे रंग के कांच के चूड़े. क सोने-चांदी के मजबूत कड़े. पनगा नक्काशीदार डिजाइन वाला ब्रेसलेट जैसा आभूषण, जो राजपूती पहचान दर्शाता है.
6/9
Rajasthani Bridal jewellery
पायल और बिछुए राजस्थान की गलियों में जब नई नवेली दुल्हन पायल की छनक के साथ चलती है, तो मानो संगीत बज उठता है. पायल भारी चांदी की बनी होती है, जिनमें छोटे-छोटे घुंघरू लगे रहते हैं. बिछुए पैरों की उंगलियों में पहने जाते हैं, जो वैवाहिक स्थिति दर्शाते हैं.
7/9
Rajasthani Bridal jewellery
शीशफूल-मांगपट्टी शीशफूल पूरे सिर पर फैलाया जाता है, जो दुल्हन के बालों को सजाता है. इसकी झलक पुराने राजपूती चित्रों में खूब मिलती है. आज इसे सोने, पोलकी और कुंदन डिजाइन में बनाया जाता है. राजपूती दुल्हन का सिर अधूरा लगता है अगर वह मांगपट्टी न पहने. टीका माथे के बीच में झूलता गहना. मांगपट्टी पूरे सिर के दोनों ओर तक फैली होती है. ये दोनों मिलकर दुल्हन के चेहरे को रॉयल लुक देते हैं.
8/9
Rajasthani Bridal jewellery
अंगूठियां और हथफूल राजस्थानी दुल्हन के हाथों में हथफूल (या पांच फूला) अनिवार्य होता है. यह पांच अंगुलियों को जोड़ता हुआ गहना होता है जो हथेली पर फूल की तरह खिलता है. सोने या पोलकी जड़ित डिजाइन में यह बेहद खूबसूरत लगता है.
9/9
Rajasthani Bridal jewellery
कमरबंद कमर पर बांधा जाने वाला यह गहना शाही ठाठ-बाट का प्रतीक है. यह न केवल सौंदर्य बढ़ाता है बल्कि भारी लहंगे को संभालने में भी मदद करता है. कुंदन या सोने से बना कमरबंद दुल्हन के रॉयल व्यक्तित्व को निखार देता है.